बदायूं। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने किशोरी को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराते हुए एक व्यक्ति को 15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है जबकि उसके बहनोई को अपहरण के मामले में सात साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने दोनों मुजरिमों पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की धनराशि जमा होने पर आधी धनराशि बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता किशोरी को देने का भी आदेश दिया है।
थाना उघैती क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने पर 31 अगस्त 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार उसकी 14 वर्षीय पुत्री कक्षा आठ की छात्रा थी। वह 16 अगस्त को स्कूल पढ़ने गई थी तभी उसे ग्राम ढ़रौला थाना कुढ़फतेहगढ़ जनपद संभल निवासी गोविंद शर्मा बहला-फुसलाकर ले गया। इसमें उसके बहनोई विनोद शर्मा निवासी गदगांव थाना उघैती और उसकी एक बहन का भी हाथ होने का आरोप था। पुलिस ने गोविंद शर्मा, विनोद शर्मा और बहन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के बाद गोविंद और विनोद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। बहन की नामजदगी झूठी पाई गई।
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी, वीरेंद्र सिंह वर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने गोविंद को किशोरी से दुष्कर्म के मामले में तो वहीं आरोपी विनोद को अपहरण के मामले में दोषी ठहराया। कोर्ट ने गोविंद को 15 साल के कठोर कारावास और विनोद शर्मा को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों मुजरिम पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।