बदायूं। सहसवान क्षेत्र के दहेज हत्या से जुड़े मामले में कोर्ट ने ससुराल पक्ष के तीन लोगों को दस साल की सजा सुनाई है। वहीं आरोपी पति उस वक्त नाबालिग था, इसकी पत्रावली किशोर बोर्ड भेजी है।
दहेज हत्या के मामले में सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव सादपुर निवासी अनोखेलाल ने 26 नवंबर 2010 को थाने आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव कोहरा निवासी मुनेश यादव के साथ की थी। उनकी बेटी नन्ही देवी को उसकी ससुराल वाले कम दहेज लाने पर प्रताड़ित करते थे। उनकी बेटी को सास सदाश्री, जेठ दिनेश, जेठानी भूदेवी और नाबालिग पति ने फांसी पर लटकाकर मार डाला। इस पर अनोखेलाल ने चारों लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। पति के नाबालिग घोषित होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में प्रेषित कर दी गई। फास्टट्रैक न्यायाधीश गोपाल जी ने अभियोजन तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद सदाश्री, दिनेश और भूदेवी को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 39 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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दुष्कर्म में आरोपी को 10 साल की सजा, जुर्माना
बदायूं। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश गोपाल जी ने दुष्कर्म के एक मामले में वजीरगंज क्षेत्र के आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उन्होंने आरोपी पवनेश पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। संवाद