बदायूं। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट ने साढ़े नौ साल पुराने मामले में नामजद कुख्यात हरीश उर्फ पहाड़िया सहित तीन को मुजरिम ठहराते हुए पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों मुजरिमों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना सिविल लाइन के तत्कालीन एसओ रामवीर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि स्थानीय क्षेत्र में कुख्यात हरीश उर्फ पहाड़िया, अशोक मौर्य और इमरान उर्फ छोटा बाला का एक संगठित गिरोह है। इस गैंग का लीडर कुख्यात हरीश उर्फ पहाड़िया है। हरीश उर्फ पहाड़िया अपने गिरोह के सदस्यों के साथ गैंग बनाकर आर्थिक लाभ के लिए अपराध करता है। इस गैंग का इतना आतंक है कि आसपास के क्षेत्र के लोग इनके डर की वजह से अपने काम सुचारू रूप से नहीं कर पाते थे। इनके भय और आतंक के कारण कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ गवाही देने को तैयार नहीं होता। वादी ने हरीश उर्फ पहाड़िया पुत्र तोताराम निवासी कटरा जालंधरी सराय थाना कोतवाली बदायूं, अशोक मौर्य पुत्र प्रेमराज और इमरान उर्फ छोटा बाला पुत्र इसरार निवासीगण शेखुपुर थाना सिविल लाइन जिला बदायूं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट उदयभान सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिलीप गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद गैंगस्टर एक्ट में नामजद हरीश उर्फ पहाड़िया, अशोक मौर्य और इमरान उर्फ छोटा बाला को मुजरिम ठहराया। कोर्ट ने तीनों मुजरिम को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है। संवाद