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तीन को गैंगस्टर एक्ट में सात-सात साल की सजा

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बदायूं। 17 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में नामजद तीन आरोपियों को स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट उदयभान सिंह ने दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोष सिद्ध तीनों मुजरिमों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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तत्कालीन वादी मुकदमा एसओ धनारी नरेंद्र सिंह ने नौ मार्च 2004 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार थाना धनारी के गांव नगला चतुरभान पुर निवासी प्रेमवीर का एक संगठित गिरोह है, जो गंभीर आपराधिक प्रवृत्ति के अपराधों में लिप्त रहता है। उसी के गांव का पान सिंह और सौदान सिंह पुत्र नंदराम निवासी तुमषिया घाट थाना रजपुरा जिला बदायूं के साथ मिलकर आर्थिक और भौतिक लाभ हेतु समाज विरोधी कार्यों में लिप्त रहते हैं। इस गिरोह का इतना आतंक था कि कोई भी व्यक्ति न तो इनके खिलाफ रिपोर्ट लिखवाता था और न ही इनके खिलाफ कोई गवाही देने को तैयार होता था।
पुलिस ने विवेचना के बाद प्रेमवीर पुत्र जीवाराम, पान सिंह पुत्र महेंद्र सिंह निवासी नगला चतुरभान पुर थाना धनारी और सौदान सिंह पुत्र नंदराम निवासी तुमषिया घाट थाना रजपुरा जिला बदायूं के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट उदयभान सिंह ने पत्रावली का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिलीप कुमार गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनी। कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में प्रेमवीर, पान सिंह और सौदान सिंह को मुजरिम ठहराया। कोर्ट ने दोषसिद्ध मुजरिमों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों दोषसिद्ध मुजरिमों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। संवाद
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