उघैती (बदायूं)। दो अप्रैल की रात मेवली गांव में युवक को गोली मारने का मामला फर्जी निकला। मंगलवार को पुलिस ने खुलासा करते हुए दो को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनपर कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है।
मंगलवार को खुलासा करते हुए सीओ अनिरुद्घ सिंह ने बताया कि दो अप्रैल की रात डोरीलाल पुत्र फकीरीलाल को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई थी। दूसरे दिन उसका भाई मीहलाल थाने आया और उसने अपने गांव के मुनेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। उसका आरोप था कि मुनेश ने जमीन विवाद के चलते डोरीलाल को गोली मारी है। इसकी जांच इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह राणा और एसआई कुलदीप कुमार कर रहे थे। उन्होंने वादी और घायल के अलावा गांव जाकर लोगों के बयान दर्ज किए। नामजद आरोपी से भी पूछा गया। इस छानबीन के दौरान मामला संदिग्ध लगा। जिससे डोरीलाल को थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की गई। उसने कबूला कि इसमें डोरीलाल पुत्र धर्मपाल भी शामिल था। उन्होंने मुनेश को फंसाने के लिए षडयंत्र रचा। फिर खेत में जाकर स्वयं पेट की खाल खींचकर गोली मार ली। इसके बाद मुनेश पर गोली मारने का आरोप लगाते हुए शोर मचा दिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर तमंचा और खोखा बरामद कर लिया है। थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला खत्म करते हुए आरोपी डोरीलाल पुत्र फकीरी पर धारा 420, 201, 211, 120 बी और धारा 3/25 आर्म्स एक्टव डोरीलाल पुत्र फकीरी पर धारा 420, 201,211, 120 बी के तहत कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। जबकि फर्जी मामला दर्ज कराने वाला अभी फरार बताया जा रहा है।