बदायूं। आगरा विश्वविद्यालय से बीएड डिग्री हासिल कर अभिलेखों में छेड़छाड़ करके बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वालों के खिलाफ शासन ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जिले में ऐसे 23 शिक्षक हैं, जिनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होनी है, लेकिन पुलिस की तरफ से अभी तक फर्जी शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। जबकि संबधित खंड शिक्षा अधिकारी लगातार पुलिस व अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
फर्जी शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा महानिदेशक बेसिक की ओर से एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश पिछले दिनों दिए गए। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने यहां पाए गए फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए थानों में तहरीर देना शुरू कर दिया, लेकिन उन्होंने उच्चाधिकारी से निर्देश मिलने के बाद में एफआईआर कराने की बात की। इसके बाद सभी खंड शिक्षा अधिकारी, अधिकारियों से मिलने के लिए दो-तीन बार जा चुके हैं, यहां तक की प्रभारी बीएसए भी उनसे मिलने के लिए पहुंचे, लेकिन उनकी तरफ से अभी तक तक संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश नहीं दिए गए हैं। इसकी वजह से जिले में अभी तक फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है, जबकि अन्य जिलों में लगातार एफआईआर दर्ज हो रही है।
ये हैं फर्जी शिक्षक
- ब्लॉक समरेर के विष्णु कुमार सिंह, भूप सिंह
-ब्लॉक सहसवान के श्रीनेश कुमार, राम निवास
- ब्लॉक उझानी के मुकुल कुमार, विजेंद्र सिंह, शिव कुमार यादव, विकास सारस्वत, ओमहरि, ओम प्रकाश
- ब्लॉक उसावां के अवधेश कुमार, नीरज कौशिक
- ब्लॉक दहगवां के कुशाल पाल सिंह, सतीश चंद्र यादव,
- ब्लॉक दातागंज के यदुवीर सिंह, सुनील कुमार सिंह
- ब्लॉक कादरचौक के हरियेंद्र कुमार, शशि
- ब्लॉक वजीरगंज की सरिता रानी
- ब्लॉक जगत की प्रीति वर्मा
- ब्लॉक अंबियापुर की यशोदा कुमारी, अरविंद कुमार राना, हरेंद्र कुमार
शासन से फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, इसको लेकर थाने गए थे, लेकिन थाने से कहा गया कि एसएसपी के आदेश के बाद ही रिपोर्ट दर्ज हो सकेगी। उनसे दो-तीन बार मिलने जा चुके हैं, लेकिन अभी मुलाकात नहीं हो सकी है। इस कारण अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है।
- प्रवीण शुक्ला, बीईओ