वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के पुराने स्लैब में बदलाव से व्यापारियों समेत आम आदमी ने राहत महसूस की है। 12 और 28 फीसदी टैक्स के पुराने स्लैब खत्म किए जाने की मंजूरी से व्यापार में भी उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है। व्यापार में वृद्धि से सरकार को राजस्व का भी फायदा होगा।
बदायूं के उझानी के व्यापारियों का कहना है कि टैक्स स्लैब कम किए जाने का सीधा फायदा आम आदमी को मिलेगा। जिन उत्पादों पर अब तक 12 और 28 फीसदी का टैक्स था। अब उसमें कमी करने से कई उत्पादों की कीमतों पर असर दिखाई देगा। सरकार ने जीवन रक्षक 33 दवाओं पर टैक्स शून्य कर दिया है। दवाओं पर 12 और 18 फीसदी टैक्स के स्लैब में कमी करके पांच फीसदी कर दिया गया है।
सरकार ने कृषि कार्य से जुड़े उत्पादों पर टैक्स कम किया है। व्यापारियों का मानना है कि जब टैक्स कम होता है तो व्यापार तेजी से बढ़ता है। इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा। लोगों को अपनी जरूरत की अधिकतर वस्तुएं खरीदने में ज्यादा टैक्स नहीं देना पड़ेगा। किसान वर्ग भी टैक्स के स्लैब में बदलाव से खुश नजर आ रहा है।
क्या बोले व्यापारी
सरकार ने जीएसटी के टैक्स स्लैब में बदलाव करके लोगों को काफी राहत पहुंचाने का काम किया है, लेकिन सराफा कारोबार को इससे कोई खास फायदा नहीं होगा। ज्वैलरी पर पांच फीसदी टैक्स का स्लैब कायम है। ज्वैलरी पर महंगाई की वजह टैक्स नहीं, बल्कि कुछ दूसरी है।
- संजय मित्तल, सराफ
वस्तु एवं सेवाकर के टैक्स के मौजूदा स्लैब का सबसे ज्यादा फायदा दवाओं को लेकर होगा। जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में गिरावट आएगी। प्रमुख 33 दवाओं को जीएसटी शून्य कर दी गई है। दवा निर्माता कंपनियां भी फायदे में रहेंगी। इलाज के नाम पर जेब भी ढीली नहीं होगी।
- मोहित अग्रवाल, मेडिकल स्टोर संचालक
केंद्र सरकार ने वस्तु एवं सेवाकर के पुराने स्लैब में मार्बल एवं ग्रेनाइट पत्थर को कम टैक्स के स्लैब में शामिल करके फायदा तो पहुंचाया है, लेकिन टाइल्स और सेनेटरी के आइटम को 18 फीसदी के स्लैब में बरकरार रखा है। इसमें भी बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी।-
प्रवीण कुमार मित्तल, टाइल्स व्यापारी
कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों पर टैक्स कम किए जाने का सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। सरकार ने ट्रैक्टर- ट्रॉलियों के टॉयर पर 18 फीसदी जीएसटी का स्लैब कम करके उसे पांच फीसदी में ला दिया है। व्यापारिक इस्तेमाल के वाहनों के टॉयर- ट्यूब भी सस्ते होंगे।
- अभिमन्यु सिंह, व्यापारी