बदायूं। जिले में दानवीर जन कल्याण सेवा समिति को ही दस गोशालाएं आवंटित करने के मामले में जिस बाबू आदिल की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी, वह बड़ा खिलाड़ी निकला। अभिगांव और ब्यौर की गोशाला में गोवंशों की मौत के बाद पशुपालन विभाग में जब एनजीओ से संबंधित डाटा विकास भवन स्थित पशुपालन विभाग के कार्यालय के कंप्यूटर पर देखा तो डाटा नहीं मिला।
सीडीओ सहित अन्य अफसरों ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) से एनजीओ से संबंधित डाटा मांगा तो बात खुली कि बाबू ने कंप्यूटर से डाटा डिलीट कर दिया है। बाबू एक पेनड्राइव में डाटा साथ ले गया है। सीवीओ ने बाबू को नोटिस भी जारी किया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। अब अपनी गर्दन फंसने पर सीवीओ ने बाबू के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है।
बाबू आदिल की पशुपालन विभाग में मूल तैनाती बरेली में थी, लेकिन उसने अपना अटैचमेंट बदायूं के विकास भवन स्थित पशुपालन विभाग के कार्यालय में करा लिया था। जिले में लंबे समय से तैनात बाबू ने एनजीओ से सांठगांठ की और एक ही एनजीओ को 10 गोशालाएं दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
कुछ दिन पहले जब उसकी हरकतों के बारे में सीवीओ प्रेम सिंह कोहली को जानकारी हुई तो उन्होंने बाबू को बदायूं से बरेली के लिए रिलीव कर दिया, लेकिन बाबू ने बरेली जाने से पहले अपने सारे सबूत मिटा दिए। वह जिस पटल पर बैठता था, उसके कंप्यूटर से सारा डाटा पेनड्राइव में चोरी कर लिया और कंप्यूटर से डाटा डिलीट कर दिया। इससे विभागीय डाटा मिलने में दिक्कतें हो रही हैं।
बाबू के 15 दिन पहले चले जाने और डाटा डिलीट करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई तो दूर इसकी भनक सीडीओ तक को नहीं लगने दी गई। जब गोवंशों की मौत हुई तो सीडीओ की ओर से पशुपालन विभाग से डाटा मांगा गया, जो संबंधित अधिकारी नहीं दे पाए। इस पर सीडीओ ने सीवीओ का स्पष्टीकरण तलब किया।
मंगलवार को सीडीओ ने सीवीओ से पूछा कि कोई भी डाटा देने में आपको इतना समय क्यों लगता है। तब सीवीओ ने अपना दर्द बताया। इस पर सीडीओ ने कहा कि बाबू आदिल के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराएं। इधर, सीवीओ डॉ प्रेम सिंह कोहली ने बताया कि बुधवार को बाबू आदिल के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में डाटा डिलीट करने और चोरी करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई है। अब पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी।
- इस प्रकरण में आरोपी बाबू आदिल के खिलाफ सीवीओ ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है। सीवीओ ही इस मामले की जांच करा रहे हैं। - गामिनी सिंगला. सीडीओ
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तहरीर देते ही मिल गई पेनड्राइव, प्रधान सहायक ने वापस ली तहरीर
बदायूं। सीवीओ कार्यालय के कनिष्ठ सहायक कमल कांत त्यागी ने बाबू आदिल के खिलाफ डाटा चोरी और डाटा डिलीट करने के मामले में सिविल लाइंस थाना में तहरीर दी गई थी। वहीं, बुधवार देर शाम पशुपालन विभाग के प्रधान सहायक अफसर हुसैन ने थाने पहुंचकर तहरीर वापस करा ली।
थानाध्यक्ष को दोनों के हस्ताक्षर से प्रार्थना पत्र दिया गया कि शाम छह बजे जो तहरीर दी गई, उसमें अब बाबू आदिल रशीद द्वारा अवशेष डाटा पेनड्राइव के माध्यम से सात बजे प्राप्त करा दिया गया है। वहीं इस मामले के बाद पशुपालन विभाग में बाबुओं की मनमानी भी खुलकर सामने आई है। इस संबंध में सीवीओ प्रेम सिंह कोहली ने बताया कि वह तहरीर दिलवाने के बाद गोशाला का निरीक्षण करने चले आए थे। तहरीर वापस करने की जानकारी नहीं है, अगर तहरीर वापस ली गई तो उन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इधर, एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि डाटा चोरी के संबंध में जो तहरीर सिविल लाइंस थाने में दी गई, वह डाटा मिलने की बात कहते हुए वापस ले ली गई है। संवाद