मेंथा फैक्टरी में पहुंचे भाकियू नेता। स्रोत- यूनियन
उझानी। मेंथा फैक्टरी में अग्निकांड के बाद मलबा हटाने में देरी बताते हुए कर्मचारी मुनेंद्र के परिजन और रिश्तेदार गुस्से में दिखे। मजदूरों की संख्या काफी कम बताते हुए उन्होंने ठेकेदार को भी आड़े हाथों लिया। इसके बाद रविवार दोपहर से मलबा हटाने के लिए कासगंज से आठ और मजदूरों को बुलाकर लगा दिया गया है।
मलबा में बिचौला निवासी कर्मचारी मुनेंद्र यादव का शव खोज रहे उनके परिजनों और रिश्तेदारों को रविवार सुबह मलबा हटाने की रफ्तार काफी धीमी दिखी। इस उन्होंने नाराजगी जताई। भाई गजेंद्र ने बताया कि जिस तरह से काम चल रहा है, उससे तो कई दिन तक मलबा हटना मुश्किल है। गाजियाबाद के ठेकेदार और मजदूरों के चले जाने के बाद फैक्टरी मालिक ने बदायूं और कासगंज के लोगों को मलबा हटाकर कबाड़ बेचने का ठेका दिया है। अब ठेकेदार के मजदूर भी कभी- कभी इधर- उधर से लोहे के गार्डर और क्षतिग्रस्त मशीनों के अवशेष हटाने लग जाते हैं। इसके बाद ठेकेदार राजा ने कासगंज से आठ और मजदूरों को बुलाकर काम पर लगा दिया। ठेकेदार ने कहा कि वह दो- तीन दिन के अंदर बॉयलर के आसपास से पूरा मलबा हटा देगा। इसके बाद ही परिसर में अन्य स्थानों से मलबा हटाया जाएगा।
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आज एडीएम को ज्ञापन देंगे भाकियू नेता
- भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारी रविवार दोपहर मेंथा फैक्टरी पहुंचे। मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि कर्मचारी मुनेंद्र यादव का शव खोजने में फैक्टरी मालिक की ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा है। कुड़ा नरसिंहपुर निवासी ग्रामीणों के मकानों पर मलबा गिरने से जो नुकसान हुआ है, उसका अफसरों ने आंकलन नहीं किया है। वह इसे लेकर सोमवार को एडीएम से भेंट करेंगे। इसके बाद आंदोलन भी किया जाएगा। उनके साथ तहसील अध्यक्ष अर्जुन सिंह, केसर अली, फैयाज अली, सुरेश दीवान, पप्पू सैफी आदि थे।