बदायूं। सावन की शुरुआत 14 जुलाई से हो रही है। सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई को पड़ेगा। इस दौरान कांवड़िया उझानी होते हुए कछला की ओर जाएंगे तो वहीं उसावां की ओर से आने वाले शहर के गौरीशंकर मंदिर से होकर निकलेंगे। इसी तरह बरेली, पीलीभीत से आने वाले बिरुआबाड़ी मंदिर होकर निकलेंगे। श्रद्धा और उल्लास के बीच कांवड़ियों को टूटी सड़कों, पत्थर और कंकड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ेगा, क्योंकि इन मार्गों पर अधिकतर जगहों पर सड़कें टूटी पड़ी हैं।
सावन के शुरू होते ही कछला स्थित गंगाघाट से जल लेकर कांवड़ियों का भगवान शिव को जलाभिषेक करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 14 जुलाई से शुरू हो रहे सावन को लेकर जिला प्रशासन समेत अन्य विभागों द्वारा अब तक कोई खास तैयारी नहीं की गई है। ऐसे में भोले के भक्तों को कंकड़ भरे रास्तों से होकर निकलना मजबूरी बन जाएगी। सबसे ज्यादा दिक्कत नौशेरा तिराहे पर और गौरीशंकर मंदिर से उसावां की ओर जाने व इधर से आने वाले भक्तों को होगी। यहां पर रोड इतनी बुरी तरह से टूटा है कि बाइक सवार भी कई बार ककड़ों, पत्थरों में गिरकर घायल हो चुके हैं। ऐसे में पैदल निकलने वालों के लिए यह दुश्वरियां पैदा करेंगे। बरेली- मथुरा हाईवे समेत मुरादाबाद -फर्रुखाबाद हाईवे पर कई जगहों पर सड़क उधड़ी पड़ी है।
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मंडी समिति के पास सड़क का बुरा हाल, सालों में भी नहीं हो सका निदान
कछला से जल लेकर म्याऊं, अलापुर, उसावां, पटना देवकली मंदिर, उसहैत आदि को जाने वाले भोले के भक्तों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा। शहर से निकलते ही मंडी समिति के पास यह रोड काफी बुरी तरह से टूटा हुआ है। यहां इतने बड़े बड़े गड्ढे हैं कि चौपहिया वाहन तक हिचकोले खाते हैं। ऐसे में यदि बारिश हो गई तो इस सड़क का तालाब बनना तय है, जिसके बाद कीचड़ और जलभराव से और ज्यादा मुश्किल होगी।
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बरेली से आने और जाने वालों की राह भी कठिन
कछला गंगा घाट से जल लेकर बरेली को जाने वाले और इस रोड पर पड़ने वाले गांवों के भक्तों की राह भी आसान नहीं होगी, क्योंकि पैदल जाने वाले कावड़ियों को जिला प्रशासन लालपुल से काली सड़क होते हुए नवादा की ओर से निकाल देता है, लेकिन इस बार काली सड़क पर जगह-जगह कंकड़, पत्थर पड़े हुए हैं। ऐसे में बरेली, पीलीभीत जाने वाले कांवड़ियों के लिए डगर आसान नहीं होगी।
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शहर में भी कई जगहों पर सड़कों की हालत खस्ता
सावन के महीने में चूंकि शहर से भी बड़ी संख्या में कांवड़िए कछला जाते हैं, जो शहर के अंदर की सड़कों से होकर गुजरते हैं। इनको भी तकलीफ होनी स्वाभाविक है, क्योंकि शहर के अंदर ही तमाम सड़कें खस्ताहाल पड़ी हैं। शहवाजपुर, पटियाली सराय, गद्दीचौक, पथिक चौक आदि जगहों पर सड़कों पर कहीं गड्ढे तो कहीं पूरी सड़क उधड़ी पड़ी है, लेकिन न तो पालिका प्रशासन को होश है और न ही जिला प्रशासन इस पर ध्यान दे रहा है।
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लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जहां पर रोड खराब हों, उनको ठीक कराया जाए। अगर कहीं पर बिजली के तार ढीले हैं तो उनको ठीक करने के लिए पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले संबंधित कामों को पूरा कर लें, जिससे कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।
-दीपा रंजन, डीएम