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हैंडपंप खराब हो तो आप बताएं....पालिका की नजर जरा कमजोर है’

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लोटनपुरा मोहल्ले में जमीन में धंस चुका नल। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। पिछले महीने पालिकाध्यक्ष ने लोगों से फेसबुक पर अपील की थी कि शहर में जहां नल खराब पड़े हों, उन्हें बताएं, नलों को सही कराया जाएगा, पर कई जगहों पर आज भी समस्या जस की तस है। खास बात यह है कि जब उनसे इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने एक-एक करके सही कराने की बात कही, लेकिन शाम होते-होते कुछ नल सही करा डाले और उसकी पोस्ट भी फेसबुक पर मय वीडियो डाल दी। उसके बाद फिर वह इस बात को भूल गईं, नतीजतन आज भी शहर के अधिकतर नलों का वही हाल है।
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धूप में सड़कों पर चलने वाले राहगीरों का गला जब सूखता है तो उन्हें आसपास हैंडपंप की तलाश रहती है लेकिन शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे हैंडपंपों का हाल बेहाल है। कहीं नल सूखे पड़े हैं तो कहीं आधे जमीन में धंसकर बेकार हो चुके हैं। पिछले महीने पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल ने फेसबुक पर पोस्ट डालते हुए जनता से अपील की थी कि यदि किसी जगह नल खराब पड़ा हो तो संबंधित उन्हें फोन करके बता सकते हैं। इसके लिए उन्होंने चार व्हाट्सएप नंबर भी जारी किए। लोगों ने उनकी पोस्ट पर ही कमेंट में कई जगहों पर नल खराब होने की समस्या बताई, लेकिन उनमें से ही अधिकतर नल अब तक सही नहीं हुए।
यहां यह बात तो सही है कि लोगों से जानकारी के लिए फेसबुक पर पोस्ट डाली गई, लेकिन फिर उनका निदान भी होना चाहिए था। दूसरी बात ये है कि पालिका में भी रोज ऐसी शिकायतें पहुंचती हैं तो वह पालिकाध्यक्ष या उनके कर्मचारियों को क्यों नहीं दिखाई देतीं। तीसरी बात ये कि पालिका की खुद की नजरें क्या कमजोर हैं, जो सार्वजनिक स्थानों पर खराब पड़े हैंडपंप उसे दिखाई नहीं देते।
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यहां आकर देखिये..अव्यवस्था का हो जाएगा अंदाजा
गिंदोदेवी कॉलेज के पास लगा नल काफी समय से सूखा पड़ा है तो कचहरी रोड पर लगा एक नल तो आधा जमीन में ही समाकर दम तोड़ चुका है। लोटनपुरा में एक जगह नल के तो केवल अवशेष ही रह गए हैं। यह पूरा का पूरा कूड़े के ढेर में धंस चुका है। इसका केवल ऊपर का हिस्सा नजर आता है। यही हाल नाहरखां सराय में लगे नल का है लेकिन इधर पालिका की निगाह नहीं जाती।
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इतनी जल्दी सही नहीं हो सकते सभी नल...तो ‘साढ़े चार साल’ क्या हुआ
नलों की समस्या की बाबत पिछली बार जब पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल से सवाल किया गया था तो उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी सभी नल सही नहीं हो सकते। अगर एक समय में 15 शिकायतें आएंगी तो एक साथ तो उनका निदान नहीं हो सकता। उन्होंने सारी शिकायतों को चेक करा लिया है, लेकिन अब इस बात को एक महीने के करीब हो चुका है, तमाम नल खराब ही पड़े हैं। यहां यह भी सवाल उठता है कि पालिकाध्यक्ष की यह बात तो सही है कि इतनी जल्दी सारे नल सही नहीं हो सकते लेकिन यह भी सच्चाई है कि ये समस्या तो पुरानी है, फिर साढ़े चार साल से क्या हो रहा था।
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औसतन एक से दो हैंडपंपों को रोजाना सही कराया जा रहा है। कुछ जगहों पर हैंडपंप पूरी तरह से खराब हो गए है, वे सही नहीं कराए जा सकते हैं। ऐसे में उनको हटवाया जाएगा, लेकिन इसके लिए स्थानीय पांच लोगों से लिखित में लेंगे, उसके बाद ही हैंडपंप को हटाया जाएगा। राहगीरों को दिक्कत न हो, इसके लिए शहर में भामाशाह चौक, ओवरब्रिज के नीचे समेत 10 जगहों पर आरओ लगवाए जा रहे हैं।
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- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
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