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64 दिनों में सिर्फ 247 मीट्रिक टन ही हो सकी गेहूं की खरीद

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सुनसान पड़ा एक गेहूं क्रय केंद्र। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। शासन की ओर से एक अप्रैल से गेहूं खरीद के लिए जिले में 135 क्रय केंद्र बनाए गए थे, जहां पर समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदारी किसानों से करनी थी, लेकिन खुले बाजार का भाव ज्यादा होने की वजह से किसानों ने सरकारी क्रय केंद्र की ओर रुख ही नहीं किया। हालात यह हैं कि 64 दिनों में विभाग मात्र 247 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर पाया है, जबकि खरीद बंद होने में महज 12 दिन ही बचे हैं। लक्ष्य 1.25 लाख मीट्रिक टन खरीद का दिया गया था।
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जिले में प्रत्येक साल की तरह इस बार भी एक अप्रैल से क्रय केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया था, जिससे किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं को इन केंद्रों पर बेच सके, लेकिन गेहूं खरीद की शुरुआत होने से ही पहले ही बाजार में गेहूं की कीमत शासन द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से ज्यादा थी, ऐसे में किसानों ने क्रय केंद्रों की ओर रुख नहीं किया।
हालांकि बाद में शासन ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी, लेकिन तब तक जिले का अधिकतर गेहूं बाहर जा चुका था। अब हालात यह हैं कि विभाग की ओर से 64 दिन में मात्र 247 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद ही हो पायी है।
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35 क्रय केंद्रों पर आज तक नहीं हुई एक दाने की खरीद
जिले में 135 सरकारी क्रय केंद्र बनाए गए थे, लेकिन 64 दिन निकल जाने के बाद भी आज तक 35 क्रय केंद्रों पर एक भी दाने की खरीद नहीं हो सकी है। क्रय एजेंसियों को जो लक्ष्य विभाग की ओर से दिया गया था, उस लक्ष्य के सापेक्ष खाद्य विभाग ने 0.15 प्रतिशत, पीसीएफ ने 0.18 प्रतिशत, यूपीएसएस ने 0.48 प्रतिशत, एसएफसी ने 0.03 प्रतिशत, भारतीय खाद्य निगम की ओर से 0.02 प्रतिशत ही गेहूं की खरीद की गई।
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मोबाइल क्रय केंद्र भी नहीं रिझा पाए किसानों को
गेहूं खरीद कम होती देखकर सरकार ने मोबाइल क्रय केंद्र बनाए थे, जिनके माध्यम से किसानों से गांवों में गेहूं की खरीद की जानी थी, लेकिन जिले में थोड़ी सी भी खरीद इन केंद्रों के माध्यम से नहीं हो सकी।
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अब तक 247 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। क्रय केंद्र 15 जून तक संचालित किए जाएंगे, ताकि कोई भी अगर गेहूं बेचना चाहे तो वह अपने गेहूं समर्थन मूल्य पर बेच सकता है।
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- अतुल वशिष्ठ, डिप्टी आरएमओ
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