बिल्सी तहसील में आयोजित मासिक पंचायत में हिस्सा लेते किसान
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बिल्सी। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक पंचायत तहसील परिसर में हुई। इसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। बैठक में नैथुआ, खैरी, मकुईया, नगरा डल्लू, अगोल, बैन, बडनौमी, दिधौनी गांव के किसानों ने हिस्सा लिया।
तहसील उपाध्यक्ष अंजर खां ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या आवारा पशु हैं। ग्राम प्रधानों को पर्याप्त धन और निर्देश के बावजूद, आवारा पशुओं को पशुशाला में नहीं रखा जा रहा है। यह पशु खेतों में खड़ी किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सम्मान निधि, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन में अनियमितता और बैंकों के मनमाने रवैए से सम्मान निधि मनमाने मानकों से आवंटित हो रही है। किसानों की आय का विवरण विभागों की मिलीभगत से गलत दर्ज किया जा रहा हैं। प्रशासनिक अ धिकारी किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हु ए शीघ्र निराकरण करें।
तहसील अध्यक्ष रईस अहमद ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र और कोटेदारों की मनमानी के चलते यहां के किसानों का खुलेआम शोषण किया जा रहा है। ग्रामीणों से तहसील में इसकी कई बार शिकायत भी की गई मगर किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ब्लॉक अध्यक्ष बृजपाल झा ने कहा कि गांव नैथुआ से बिल्सी का मुख्य संपर्क मार्ग सरकार और प्रशासन के कई बार मांग करने बाद भी आज भी कच्चा बना हुआ है। बैठक में बाबू खान, कुंवरपाल, अख्तर खान, हरीश चंद्र, रमजानी, शाकिर, आबिद, रामेश्वर, शमशेर, अतहर खां आदि किसान मौजूद रहे। संवाद