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चुनाव निपटा, अब तेज होगा सीवर लाइन और गंगा एक्सप्रेस-वे का काम

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सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए निरीक्षण करते कर्मचारी। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। विधानसभा चुनाव निपटने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि जिले में नई विकास योजनाओं को रफ्तार मिलेगी। खासतौर पर गंगा एक्सप्रेस-वे और सीवर लाइन का काम शुरू होगा।
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यहां बता दें कि गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम लगभग पूरा चुका है। बिसौली और दातागंज में शेष कुछ भूमि का अधिग्रहण धारा 11 के तहत शुरू करने की तैयारी है। सीवर लाइन के लिए भी आचार संहिता लागू होने से पहले शासन 41 करोड़ 67 लाख की स्वीकृति देने के साथ 2.50 करोड़ जारी कर चुका है।
सनद रहे जनवरी के पहले सप्ताह में आचार संहिता लागू होने से पहले दोनों कार्यों का शिलान्यास हो चुका है पर अब तक काम शुरू नहीं हो सके हैं। चुनाव हो चुका है। होली के बाद प्रदेश में नई सरकार भी बन जाएगी। इसके साथ ही यह काम तेज गति से शुरू हो जाएंगे। प्रशासनिक और कार्यदायी संस्थाओं के स्तर से काम शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला 595 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं में 95 किमी दूरी तय करेगा।
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एक्सप्रेस-वे बिसौली के 38, दातागंज के 27, सदर तहसील के 18 और बिल्सी के दो गांवों से होकर गुजरेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए चार तहसीलों के 85 गांवों में एक हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। करीब पांच फीसदी अधिग्रहण बाकी है। कुछ विवादित भूमि हैं, इनके धारा 11 के तहत अधिग्रहण की तैयारी है। जिन स्थानों से गंगा एक्सप्रेस-वे होकर गुजरेगा वहां पावर कॉरपोरेशन ने बिजली पोल और लाइनों को शिफ्ट करने का काम लगभग पूरा कर लिया है। वन विभाग के स्तर से भी वृक्षों के कटान के लिए औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
इसी क्रम में सीवर लाइन के लिए भी काम जल्द चालू हो जाएगा। पहले चरण में शेखूपुर रोड पर सोत नदी किनारे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग सेट लगाने के साथ अवरोध और बहाव परिवर्तन नाला (आई एंड डी) बनाया जाना है। इसके लिए यहां ढाई एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। जिन किसानों की भूमि ली जानी है उन्होंने सहमति पत्र दे दिए हैं।
दूसरे चरण में शहर में करीब 185 किमी सीवर लाइन बिछाने का काम होगा। पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 385 करोड़ खर्च होने हैं। पहले चरण के लिए 41 करोड़ 67 लाख की स्वीकृति देने के साथ 2.50 करोड़ का बजट आचार संहिता से पहले जारी हो चुका है। चुनाव होने के बाद जल निगम के साथ नगर पालिका और राजस्व विभाग ने काम शुरू कराने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। अधिशासी अभियंता जल निगम सुनील कुमार ने बताया कि सीवर लाइन के लिए बजट पहले ही जारी हो चुका है। काम जल्द शुरू कराने की तैयारी है।
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वन विभाग ने शुरू की वृक्षों के कटान की तैयारी, किसानों को परमिट लेने होंगे
गंगा एक्सप्रेस-वे जिले की चार तहसीलों के 85 गांवों से होकर गुजरेगा। कई स्थानों पर वन विभाग के हरे वृक्ष आड़े आ रहे हैं। विभाग अब तक नौ सौ से ज्यादा वृक्षों की गणना कर चुका है। इन वृक्षों का कटान किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग को पहले केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। वन विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। जो हरे वृक्ष किसानों की निजी भूमि में हैं उनके कटान के लिए किसानों को वन विभाग से पहले परमिट लेना होगा। ऐसे किसानों को प्राथमिकता के आधार पर परमिट दिए जाने की व्यवस्था की गई है। डीएफओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि किसानों की भूमि का मय वृक्षों के अधिग्रहण नहीं किया गया है। अगर ऐसा होता तो इनके कटान की जिम्मेदारी वन विभाग की होती। किसानों को अपने वृक्ष खुद ही काटने होंगे। इससे पहले परमिट लेना जरूरी होगा।
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धारा 11 के तहत शेष भूमि के अधिग्रहण को पत्रावली तैयार करके शासन को भेज दी है। जल्द ही शेष भूमि का स्वत: अधिग्रहण कर लिया जाएगा। इसके बाद गंगा एक्सप्रेस वे का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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- संतोष कुमार वैश्य, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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