बदायूं। केंद्रीय मोटर वाहन एक्ट में संशोधन के बाद जल्द ही चार साल से छोटे बच्चों को भी अब हेलमेट लगाना जरूरी होगा। बदायूं जिला स्तर की बात करें तो यहां पहले से लागू यातायात नियमों का ही मखौल उड़ाया जाता है। बिना हेलमेट तीन सवारी बाइक पर चलना, मोबाइल चलाते हुए ड्राइविंग, सीट बेल्ट लगाए बिना कार दौड़ाना आम बात है। पुलिस भी इस पर खास कार्रवाई नहीं करती। नई व्यवस्था कैसे लागू होगी? इस पर सवाल उठ रहा है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब चार साल से छोटे बच्चों के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है। नियम के मुताबिक जब छोटे बच्चे दोपहिया वाहन पर पीछे बैठे होंगे। तब वाहन की स्पीड 40 किमी प्रति घंटा रहेगी। बच्चे हेलमेट लगाए होंगे और चालक से सेफ्टी हारनेस की मदद से बच्चे सुरक्षित रहेंगे। ऐसे में बदायूं जिले में इसका कितना पालन होगा ये विचारणीय है।
यहां बता दें कि पिछले साल भी यातायात नियमों में संशोधन हुआ था। तब चालान के बाद वसूली जाने वाली धनराशि बढ़ाकर तीन से पांच गुना कर दी गई थी। ये अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना था। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था लेकिन चालान की जुर्माना धनराशि नहीं घटाई गई। बदायूं के हाल भी वही रहे। न तो सीट बेल्ट लगाने का चलन शुरू हुआ और न ही अधिकतर लोगों ने हेलमेट लगाना शुरू किया। कई लोग तो ड्राइविंग लाइसेंस तक रखना पसंद नहीं करते। और तो और तीन सवारी वाहन से चलना आम बात है।
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डग्गामारी सबसे बड़ी समस्या
यातयात नियमों को लेकर जिले में डग्गामारी सबसे बड़ी समस्या है। सभी सड़कों पर जमकर डग्गामारी हो रही है। वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाया जा रहा है। ओवरलोडिंग भी आम बात है। न तो इस पर गौर होता है और न ही पुलिस कोई कार्रवाई करती है। संवाद
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नियम तोड़ने पर ये है जुर्माने का प्रावधान
दोपहिया वाहन पर तीन सवारी- 1000 रुपये
- बिना लाइसेंस ड्राइविंग- 5000 रुपये
- बिना बीमा वाहन चलाना- 2000 रुपये
- इमरजेंसी वाहनों को रास्ता न देना- 10000 रुपये
- बिना हेलमेट- 1000 रुपये व तीन माह के लिए लाइसेंस रद्द
- शराब पीकर वाहन चलाना- 10000 रुपये
- तेज रफ्तार गाड़ी चलाना- 1000 से 2000 रुपये तक
- खतरनाक तरीके से वाहन चलाना- 1000 से 5000 रुपये तक
- ओवरलोडिंग में- 20000 रुपये
- बिना सीट बेल्ट- 1000 रुपये
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वाहन चालकों को यातायात नियम का पालन करना चाहिए। नियम उनकी ही सुरक्षा के लिए हैं। पुलिस भी अपना काम कर रही है। समय-समय पर वाहन चेकिंग की जाती है। उस समय पकड़े जाने वाले वाहनों का चालान किया जाता है। नई व्यवस्था को भी निर्देशों के मुताबिक लागू कराएंगे।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी