बदायूं। 67 बसों के चुनाव में जाने से यहां हर रूट पर यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
परिवहन निगम के डिपो के बेड़े में शामिल अब 37 अनुबंधित बसों को अधिग्रहीत किया गया है। 30 बसें पहले से अब भी अधिग्रहीत हैं ऐसे में बदायूं डिपो के सामने विभिन्न रूटों पर खटारा बसों को दौड़ना किसी चुनौती से कम नहीं है। दूसरे चरण के चुनाव में गईं बसों की वापसी शुरू तो हो गई है, लेकिन समस्या खत्म नहीं हो सकी है। रोडवेज बसों के लगातार चुनाव ड्यूटी में जाने से जिले में लगभग सभी रूट पर यात्रा मुश्किल हो गई है। यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। बुधवार को भी बदायूं डिपो के बस स्टैंड पर यात्रियों को सफर में परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिवहन निगम बदायूं डिपो के बेड़े में कुल 168 बसों में 131 निगम की और 37 अनुबंधित बसें शामिल हैं। पहले चरण के चुनाव के लिए मतदान से पहले ही डिपो की बसों का अधिग्रहण शुरू कर दिया गया था। इन बसों का इस्तेमाल एक जिले से दूसरे जिले में फोर्स भेजने के लिए किया जा रहा है। पहले चरण के मतदान के लिए निर्वाचन आयोग ने 42 बसों को अधिग्रहीत किया था। दिक्कतें तभी से शुरू हो गईं थीं। इसके बाद दूसरे चरण के लिए भी दो बार में 25-25 बसों का अधिग्रहण करने के साथ डिपो के बेड़े में शामिल 27 बसों को भी अधिग्रहीत कर लिया गया। तीसरे चरण के लिए मतदान 20 फरवरी को होना है। इससे पहले फोर्स की रवानगी शुरू हो गई है। पहले चरण में गईं बसों के साथ दूसरे चरण की बसों की भी वापसी शुरू हो गई है, लेकिन अब भी डिपो की करीब 67 बसें अधिग्रहीत हैं।
इस कारण जिले से होकर जाने वाले लगभग सभी रूटों पर यात्रियों को काफी समस्या हो रही है। बुधवार को बदायूं-फर्रुखाबाद, बदायूं-बरेली, बदायूं-कासगंज, बदायूं-चंदौसी, बदायूं-दिल्ली, बदायूं-फर्रखाबाद, बदायूं-आगरा, बदायूं-मथुरा रूटों पर भी यात्रियों को बसों का घंटों इंतजार करना पड़ा। दरअसल, बदायूं ही नहीं पड़ोसी जिलों से भी निर्वाचन आयोग ने बसों का अधिग्रहण किया है। ऐसे में इन जिलों की बसें भी अब बदायूं होकर नहीं गुजर रही हैं। बसों की कमी के कारण यात्री डग्गामार वाहनों का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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यह बोले यात्री
मथुरा जाने के लिए बस का करीब ढाई घंटे से इंतजार कर रहा हूं। निजी वाहन भी नहीं मिल रही। डिपो के पूछताछ केंद्र पर कोई सही जानकारी नहीं दी गई। बसें न होने से काफी समस्या है।
- अवधेश
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गाजियाबाद जाना है, कोई बस नहीं है। तीन-चार दिन पहले जब बदायूं आया था उस समय भी इसी तरह की समस्या थी। दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। कोई ठीक जानकारी भी नहीं दी जा रही।
- शनि ठाकुर
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दादरी और दिल्ली के लिए बसों की समस्या नहीं होती। बदायूं डिपो के साथ कई अन्य डिपो की बसें भी इस रूट पर मिल जाती हैं, लेकिन आज काफी समस्या बनी हुई है। दो घंटे से कोई बस नहीं आई है।
- विजय
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दिल्ली रूट पर बसों की कई दिन से समस्या बनी हुई है। बसें न होने के कारण इन दिनों इस रूट पर डग्गामार वाहन भी चल रहे हैं। दो घंटे से दिल्ली जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं। समस्या हो रही है।
-रिंकू
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बसों के चुनाव ड्यूूटी में जाने के कारण कुछ समस्या हो रही है, लेकिन यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बसों के फेरों को बढ़ाया गया है। जिन रूटों पर अब भी समस्या आ रही है उन रूटों पर अतिरिक्त बसों का प्रबंध करने के साथ फेरों को भी बढ़ाया जा रहा है।
-लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो
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इस्लामनगर-बिल्सी रूट सिर्फ डग्गामार वाहन
बिल्सी। इस्लामनगर-बिल्सी रूट पर अब डग्गामार वाहनों का कब्जा हो गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस रूट पर 50 निजी बसों का संचालन होता था, लेकिन डग्गामार वाहनों के कारण होने वाले नुकसान को बस संचालक झेल न सके और धीरे-धीरे इस रूट पर बसों का संचालन बंद हो गया।
बदायूं-बिजनौर हाईवे पर बदायूं से इस्लामनगर की दूरी करीब 56 किलोमीटर है। हाईवे पर बिल्सी, उघैती, इस्लामनगर बड़े कस्बे भी पड़ते हैं। इन कस्बों के सैकड़ों गांवों के लोगों का आना-जाना भी इसी हाईवे से होता है। एक दशक पहले तक हर दस मिनट में इस रूट पर निजी बस मिलती थी, लेकिन अब डग्गामार वाहन चालकों की मनमानी के बीच निजी बसों का संचालन लगभग बंद हो गया है। निजी बसों के संचालकों ने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। संवाद