स्कूल के पास में बना सार्वजानिक शौचालय। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। जनता की सहूलियत के उद्देश्य से सार्वजनिक शौचालय तो बनवा दिए गए लेकिन अब तक कई के ताले नहीं खुल पाए हैं। ऐसे में इनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बंद पड़े शौचालय स्वच्छता अभियान पर भी सवाल उठा रहे हैं।
करीब चार माह पहले स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) योजना के तहत नगर पालिका की ओर से सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसमें उसावां रोड पर सिगलर गर्ल्स इंटर कॉलेज, जिला अस्पताल और डीएम चौराहे से थोड़ा दूर सार्वजनिक शौचालय बनवाए गए। इसके लिए प्रति व्यक्ति 10 रुपये शुल्क भी निर्धारित किया गया। यह और बात है कि इनके ताले न खुलने से लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा।
इसके अलावा नगर पालिका परिसर में भी सार्वजानिक शौचालय बनवाया गया पर काफी आड़ में होने के कारण यह लोगों की नजरों से दूर रहता है, जिस कारण इसका उपयोग नहीं हो पाता।
-
एक शौचालय पर खर्च हुए सवा सात लाख रुपये
नगर पालिका की ओर से शहर में जो सार्वजनिक शौचालय बनवाए गए उसमें पालिका ने प्रति शौचालय करीब सवा सात लाख रुपये खर्च किए।
-
लोकार्पण के बाद भी शुरू नहीं हुआ शौचालय
इन सार्वजानिक शौचालय का लोकार्पण नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता और पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल ने किया था। लोकार्पण के करीब तीन माह बाद भी आज तक इनमें ताले लटके हुए है।
-
अगर किसी शौचालय पर ताला लगा है तो उसे खुलवाया जाएगा। किसी सामुदायिक शौचालय पर ताला नहीं लगने दिया जाएगा।
-अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट