बदायूं। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले 595 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। इसके लिए स्थानीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। मगर अब तक गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए अभी पांच फीसदी भूमि के अधिग्रहण का कार्य बचा है। प्रशासन भी 95 फीसदी भूमि के अधिग्रहण का दावा कर रहा है। इसके बदले 840 करोड़ मुआवजा भी दिया जा चुका है।
गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसील के 85 गांव से होता हुआ गुजरेगा। यह बिसौली के 38, बदायूं के 18 और बिल्सी तहसील के दो और दातागंज के 27 गांवों से होकर शाहजहांपुर की सीमा में प्रवेश करेगा। जिले में करीब 95 किमी दूरी तय करने वाले गंगा एक्सप्रेस के लिए 1059.3538 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 95 फीसदी भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। किसानों की 90.62 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जा सका है। सबसे ज्यादा 511.222 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण बिसौली तहसील में होना है। जिले में अब तक भूमि अधिग्रहण के बदले 840 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। डीएम ने सभी एसडीएम को विवादित मामलों का निस्तारण कराने के लिए 24 नवंबर तक का वक्त दिया था। इसके तहत कुछ काम हुआ भी पर पांच फीसदी काम बाकी है।
गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। इसके लिए बिसौली तहसील में ही मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर वजीरगंज थाने के गांव वनकोटा के पास स्थान चयनित किय गया है। यहां एक्सप्रेस-वे पर जंक्शन भी बनना है। दूसरे स्थान पर दातागंज तहसील है। यहां पापड़ में ब्रह्मदेव मंदिर एक्सप्रेस-वे की राह में आ रहा है। मंदिर को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए भी अभी स्थान चयन नहीं हो सका है।
आठ लेन में विस्तारणीय होगा एक्सप्रेस-वे
गंगा एक्सप्रेस-वे छह लेन चौड़ा होगा। इसी संरचना आठ लेन में विस्तारणीय बनाई जाएगी। एक्सप्रेसवे के राइट आफ-वे की चौड़ाई 120 मीटर प्रस्तावित है। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर सर्विस रोड भी होगी। दोनों ओर और आस-पास के गांवों के लिए भी एक्सप्रेस-वे सुगम रहे इसका भी ध्यान रखा जाएगा। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद, बरेली-मथुरा हाईवे पर जंक्शन प्रस्तावित हैं।
इस तरह के हैं भूमि विवाद
भूमि अधिग्रहण में कुछ विवादों का निस्तारण नहीं हो सका है। इनमें से ज्यादातर मामले पारिवरिक विवादों के हैं जिनमें भाई-भाई या परिवार के अन्य लोगों में तनातनी है। ऐसे तमाम मामले राजस्व अदालतों में चल रहे हैं। डीएम दीपा रंजन प्रयास कर रही हैं कि प्रशासनिक अधिकारी उन विवादों को आपसी सहमति से दूर करा दें तो लोगों को मुआवजा मिलने और अधिग्रहण का रास्ता साफ हो जाएगा। ऐसा नहीं होने पर अधिकारियों को अधिग्रहित जमीन का मुआवजा कोर्ट में जमा करके एक्सप्रेस वे की डगर आसान करनी होगी।
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए शत-प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण जल्द हो जाएगा। अब तक 95 फीसदी भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसके बदले 840 करोड़ का मुआवजा भी दिया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण के लंबित मामलों को तेजी से निपटाया जा रहा है। - अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट/ प्रभारी अधिकारी