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ग्रामीणों के राशन कार्डों पर कोटेदार ने लिखवा दिए अपने परिवार वालों के नाम

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बदायूं। दहगवां ब्लॉक क्षेत्र के एक कोटेदार ने सरकारी राशन हड़पने की नई तरकीब निकाली। उसने अपने परिवार वालों के नाम दूसरे ग्रामीणों के राशन कार्डों में दर्ज करा दिए और लंबे समय से सरकारी राशन का गोलमाल कर रहा था। इसकी जांच होने पर कोटेदार की पोल खुल गई। जांच में पुष्टि होने पर पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने उसका कोटा निलंबित कर दिया। साथ ही उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
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यह मामला दहगवां ब्लॉक के गांव मुस्तफाबाद जरैठा का है। यहां रहने वाले सोमवीर, ऊषा आदि ने 28 अगस्त 2021 को जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र दिया था। उनका आरोप था कि उचित दर विक्रेता महेंद्र सिंह ग्रामीणों को पूरा राशन नहीं दे रहा है। ग्रामीणों के जितने यूनिट राशन होता है उसमें एक यूनिट की कटौती करके राशन देता है। इसके अलावा उसने ग्रामीणों के राशनकार्डों में अपने परिवार वालों के नाम भी लिखवा दिए हैं। उनके नाम से भी राशन हड़प कर रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा ने इसकी जांच पूर्ति निरीक्षक प्रदीप यादव को सौंपी थी। इस पर उन्होंने गांव जाकर एक-एक व्यक्ति के राशन कार्ड का सत्यापन किया।
जांच में सामने आया कि महेंद्र सिंह ने गांव के इतवारी के राशन कार्ड में अपने नाती ऋतिक का आधार कार्ड जोड़ दिया था। जबकि कुसुमा पत्नी होरीलाल के राशनकार्ड पर अपने बेटे सौरभ का नाम और खुशबू पत्नी लालाराम के राशन कार्ड पर दूसरे बेटे संजीव कुमार का आधार कार्ड लगा था। इससे महेंद्र सिंह प्रतिमाह पंद्रह किलो राशन हड़प कर रहा था। पूर्ति निरीक्षक प्रदीप यादव ने इसकी जांच करने के बाद चार्जशीट उच्चाधिकारियों को सौंप दी थी। इसके बाद राशन विक्रेता की दुकान निलंबित कर दी गई। दुकान जल्लूपुर संबद्ध कर दी गई है। इसमें महेंद्र सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद महेंद्र सिंह के खिलाफ अन्य कार्रवाई तय की जाएगी।
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पांच यूनिट पर 24 किलो तो 20 यूनिट पर मिल रहा था 18 किलो राशन
मुस्तफाबाद जरैठा के तमाम लोगों ने यूनिट के हिसाब से कम राशन देने की शिकायत की। इनमें नेमवती ने बताया कि उन्हें पांच यूनिट पर 24 किलो राशन मिल रहा है, जबकि 25 किलो मिलना चाहिए। विमला को छह यूनिट पर राशन ही नहीं मिल रहा। मीना को चार यूनिट पर 18 किलो, कुसुमा, भज्जी, भूरी, संजो और इतवारी ने राशन नहीं मिलने की शिकायत की। उनके अलावा तमाम लोगों ने बताया कि उन्हें एक किलो राशन कम दिया जाता था।
मुस्तफाबाद जरैठा में कोटेदार की शिकायत आई थी। इसकी जांच पूर्ति निरीक्षक प्रदीप यादव ने की। उन्होंने चार्जशीट सौंप दी है। उसके आधार पर राशन की दुकान निलंबित कर दी गई है। कोटेदार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उसका जवाब आने के बाद उस पर जुर्माना डाला जाएगा।
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- रमन मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी
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