फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जल्द सोत नदी को मिलेगा नया जीवन

विज्ञापन
सोत नदी में बहता गंदा पानी। संवाद - फोटो : BADAUN
विज्ञापन
बदायूं। शहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगने पर सोत नदी को भी नया जीवन मिलेगा। गंदगी-कचरा वाला पानी सीधे सोत में न जाकर अवशोधन के बाद पहुंचेगा। इससे उम्मीद है कि लंबे समय से दुर्दशा का शिकार बनी सोत नदी के दिन बहुर जाएंगे। सीवेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट से जुड़े जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में दिसंबर से पहले सीवर लाइन का काम शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन

शहर की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। बारिश के दिनों में शहर के कई प्रमुख हिस्सों में दो से तीन फीट तक जल भराव हो जाता है। कई बाजारों में दुकानों और घरों में पानी घुस जाता है। हालांकि, नगर पालिका हर वर्ष नालों की सफाई पर मोटी रकम खर्च करती है। शहर के दक्षिणी हिस्से के ज्यादातर नालों का मुंह सोत नदी में खोल दिया गया है। करीब दो दशक से सोत नदी दुर्दशा का शिकार है। शहर के लोग लंबे समय से सीवर लाइन की मांग कर रहे थे। अमर उजाला ने सिल सिलेवार खबरें लिखीं तो नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता की शासन स्तर पर पैरवी काम आई और बदायूं में सीवर लाइन के लिए जमीन क्रय करने, अधिग्रहण का काम शुरू करने को मंजूरी मिल गई।
सीवर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट का जिम्मा जल निगम शाहजहांपुर को दिया गया है। शहर में 180 किमी सीवर का जाल बिछाने के साथ सोत नदी पर सीवेज ट्रीटमेंट पंपिंग प्लांट लगाने पर 485 करोड़ का खर्च आएगा। इसके लिए सोत नदी किनारे 2.5 हेक्टेयर जमीन का क्रय किया जा रहा है। सीवर लाइन के बाद सोत नदी में जाने वाला गंदे पानी का अवशोधन किया जाएगा।
विज्ञापन

रोजाना नालियों में बह जाता है 15 करोड़ लीटर पानी
एक अनुमान के अनुसार शहर की नालियों में प्रतिदिन करीब 15 करोड़ लीटर पानी बह जाता है। नाले और नालियों से होकर यह गंदा पानी या तो सोत नदी या फिर शहर के छोटे तालाबों में जाता है। नगर पालिका के पास नौ ओवरहेड टैंक हैं। इनकी क्षमता 14 हजार किलोलीटर से ज्यादा है। एक किलोलीटर में एक हजार लीटर होता है। नगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार प्रति व्यक्ति पर प्रति दिन 135 लीटर पानी की खपत होती है। हालांकि, यह आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है। दरअसल, सभी लोग नगर पालिका की पाइप लाइन का पानी इस्तेमाल नहीं करते। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट चालू होने के बाद यह पानी अवशोधन करने के बाद सोत में भेजा जाएगा। इस पानी का इस्तेमाल भवन निर्माण, सिंचाई, मछली पालन आदि में किया जा सकेगा।
बदायूं में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम दिसंबर के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। भूमि क्रय और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूरे शहर में 180 किमी सीवर लाइन का जाल बिछाकर सोत नदी किनारे ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग सेट लगाया जाना है। एक अनुमान के अनुसार शहर में करीब 15 करोड़ लीटर गंदा पानी रोज निकलता है। इस पानी को सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से अवशोधन किया जाएगा।
विज्ञापन

- सुनील कुमार यादव, एक्सईएन जल निगम शाहजहांपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें