बिसौली। सरकार ने राशन डीलरों की दुकानों पर सीधे खाद्यान्न पहुंचाने का दावा तो किया है पर उसका सही से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। तहसील क्षेत्र की ढाई सौ दुकानों के सापेक्ष कुल तीन दर्जन दुकानों तक राशन पहुंचाया जा सका है।
सरकार ने राशन वितरण में माफिया की भूमिका खत्म करने के मकसद से राशन विक्रेताओं को डोर टू डोर माल पहुंचाने का निर्णय लिया था। इस माह से फैसले पर काम भी शुरू हो गया है। कोटेदारों को उनकी दुकानों पर माल एफसीआई बदायूं से सीधे ट्रकों में भरकर पहुंचाया जा रहा है। शहर हो या गांव कोटेदारों की अधिकांश दुकानें बस्ती के भीतर या गलियों में हैं। ऐसे में राशन विक्रेताओं को दुकानों तक राशन पहुंचाने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां बताना जरूरी है कि पूर्व में कोटेदारों को मालभाड़े के रूप में 12 से 18 रुपये प्रति क्विंटल भाड़ा मिलता था। उसको सरकार ने बंद कर दिया है। अब जबकि दुकानदारों को सड़क से माल उठवाने के लिए अपनी जेब से भाड़ा भरना पड़ रहा है तो उनमें रोष व्याप्त है। तहसील क्षेत्र की 250 दुकानों के सापेक्ष शुक्रवार तक मात्र 35 दुकानों का माल पहुंचा है। इसमें बिसौली ब्लाक में शहर व ग्रामीण क्षेत्र की कुल 18, वजीरगंज की 12 व इस्लामनगर क्षेत्र की 8 दुकानें शामिल हैं। आसफपुर ब्लाक क्षेत्र में आज तक एक भी दुकान का माल नहीं पहुंच पाया है।
राशन विक्रेता संघ के तहसील अध्यक्ष हरेश यादव ने कहा कि शनिवार से वितरण की तारीख होने के बाद अभी तक 25 प्रतिशत दुकानदारों को माल नहीं मिल सका है।यह स्थिति सही नहीं है, संगठन इसका विरोध करेगा और मामला अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा।