बिनावर (बदायूं)। उच्च प्राथमिक स्कूल में गोवंशीय पशुओं को बंद करने और उनकी हत्या करने केे मामले की एक दिन पहले ही हवा निकल गई थी। सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह मंगलवार को भी ददमई गांव पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि गोवंशीय पशुओं को गोशाला में छोड़ने के लिए स्कूल में बंद किया गया था। कुछ पशुओं को रफियाबाद गोशाला पहुंचा दिया गया लेकिन संख्या ज्यादा होने से आधे पशुओं को वापस लाना पड़ा।
सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह मंगलवार सुबह ददमई गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधान समेत कई लोगों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में काफी संख्या में गोवंशीय पशु हैं। इसपर गांव के लोगों ने योजना बनाई कि सभी पशुओं को एकत्र कर उन्हें रफियाबाद गोशाला छोड़ दिया जाए। रविवार के दिन स्कूल में सभी पशुओं को घेरकर जमा कर लिया। फिर एक-एक करके ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर उन्हें रफियाबाद ले गए। रफियाबाद गोशाला में केवल दस पशुओं को ही लिया गया। इससे अन्य पशुओं को गांव में लाकर छोड़ दिया। इस दौरान किसी पशु की मौत नहीं हुई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जिन पशुओं की हत्या का दावा किया जा रहा है उनमें दो पशुओं की मौत चार दिन पहले हुई थी। उनके शव काफी सड़ चुके थे। जबकि दो शव करीब दो दिन पुराने लग रहे थे। इन्हें पुलिस ने सोमवार को ही दफना दिया।
प्रधानाध्यापक बोले-स्कूल का ताला तोड़ा
उच्च प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक रविंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को एसडीएम कार्यालय आकर अपने बयान दर्ज कराए हैं। उन्होंने यही बताया कि रविवार के दिन स्कूल बंद था। ग्रामीणों ने स्कूल के मेन गेट का ताला तोड़कर पशुओं को घुसाया था।
गोवंशीय पशुओं की हत्या करने की सूचना अफवाह है। पशुओं के जो शव दिखाए हैं वह कई दिन पुराने हैं और सड़ भी चुके हैं। इसलिए उन्हें दफना दिया गया है। इसके बावजूद मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी सच्चाई सामने आएगी। उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
-प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी