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इंडिया मार्क हैंडपंपों में मोटर लगवा कर सबमर्सिबल का बजट डकारा

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कृपिया के स्कूल में इंडिया मार्क हैंडपंप में लगाया गया मोटर।संवाद - फोटो : BADAUN
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कादरचौक। ब्लॉक के परिषदीय स्कूलों में पेयजल के लिए बोरिंग करा कर सबमर्सिबल लगवाने में प्रधानों ने खेल कर दिया। ऑपरेशन कायाकल्प हो या फिर कंपोजिट ग्रांट। अपवाद के लिए कुछ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को छोड़ दें तो बाकी ज्यादातर स्कूलों में सबमर्सिबल के लिए बोरिंग नहीं कराया गया। बल्कि स्कूल में पहले से लगे इंडिया मार्क हैंडपंप में ही मोटर लगाकर सबमर्सिबल के नाम पर 30 हजार रुपये खपा दिए गए। ऐसे में इंडिया मार्क हैंडपंपों में बिजली चालित मोटर कभी भी छात्र-छात्राओं के लिए खतरा बन सकते हैं।
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ब्लॉक कादरचौक में 37 उच्च प्राथमिक और 117 प्राथमिक स्कूल हैं। इन स्कूलों में सुविधाओं के लिए शासन की ओर से कांपोजिट ग्रांट मिलती है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों ने भी ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में काम कराया है। ऑपरेशन कायाकल्प में 14 बिंदु हैं। मोटी बजट खर्च होने के बाद भी इन सभी बिंदुओं पर काम ही नहीं हो सका। छात्र-छात्राओं को शुद्ध पेयजल के लिए स्कूलों में बोरिंग कराकर सबमर्सिबल लगवाए जाने थे। इसके लिए प्रति स्कूल पर 30 हजार रुपये खर्च किए गए थे। ज्यादातर स्कूलों में प्रधानाध्यापक और प्रधानों से मिलकर सबमर्सिबल में भी खेल कर दिया। करीब डेढ़ साल के बाद अब स्कूल खुले हैं तब यह खेल सामने आया है। स्कूलों में पहले से लगे इंडिया मार्क हैंडपंपों में बिजली चालित मोटर लगाकर नौनिहालों के लिए खतरा खड़ा कर दिया गया है।
स्कूलों में दोपहर मिड डे मील के बाद इन हैंडपंप पर पानी पीने के लिए छात्र-छात्राओं की भीड़ जुटती है। ऐसे में खतरे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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हो सकता है खतरा
पावर कॉरपोरेशन के जेई अशोक कुमार का कहना है कि यह काफी खतरनाक हो सकता है। एडीओ पंचायत शिवकुमार का कहना है कि हैंडपंप में मोटर छात्र-छात्राओं के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष ब्रजेश यादव भी अब ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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छात्र-छात्राओं की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है। स्कूलों में इस तरह की व्यवस्था भविष्य में काफी नुकसानदेह हो सकती है। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
-प्रमोद उपाध्याय, पूर्व प्रधानाचार्य
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सबमर्सिबल मेरे कार्यकाल में नहीं लगाए गए थे। इंडिया मार्क हैंडपंप में इस तरह से बिजली चालित मोटर लगाना खतरनाक हो सकता है। यह छात्र-छात्राओं के जीवन से खिलवाड़ है।
-सूरजपाल, प्रधान जलालपुर
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जिन लोगों ने लालच में छात्र-छात्राओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाली हरकत की है उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। प्राथमिक स्कूलों में छोटे बच्चों की जान के लिए इस तरह की व्यवस्था खतरा है।
-मोहम्मद शफीक, प्रधान नूरपुर
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स्कूलों में इंडिया मार्क हैंडपंप में बिजली के मोटर लगाना गलत है। अभिभावक भी इससे चिंतित हैं। करीब डेढ़ साल बाद स्कूल खुले हैं अब बच्चों की जान के लिए बिजली से खतरा है। इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
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-बादशाह
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इस बारे में जानकारी मिले और जल निगम के अधिकारियों को बताया है। जहां गड़बड़ी मिली है वहां जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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