कुंवरगांव इलाके में अपने खेत में ट्यूबवेल का बोरिंग कराते अनुसूचित जाति के लोग। संवाद
- फोटो : BADAUN
कुंवरगांव (बदायूं)। थाना क्षेत्र के नरऊ पसा गांव में सिंचाई की सहूलियत बंद होने से परेशान अनुसूचित जाति के लोगों ने अब अपना ट्यूबवेल बनवाना शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि उन्होंने पहले सामान्य वर्ग के लोगों का काम बंद किया तो दूसरे पक्ष ने उनके खेतों को निजी नलकूप से पानी देना बंद कर दिया। इसको लेकर गांव में दोनों वर्गों के लोगों के बीच पंचायत हुई पर कोई हल नहीं निकल सका। इस मामले में पुलिस ने 44 लोगों को मुचलका पाबंद किया था।
आठ अगस्त को नरऊ पसा गांव के सामान्य वर्ग के कुछ लोग कुंवरगांव थाने पहुंचे थे। उन्होंने तहरीर देकर बताया था कि गांव के अनुसूचित जाति के लोगों ने उनके कार्य बंद कर दिए हैं। इस पर उन्होंने भी अपने ट्यूबवेल से सिंचाई करने पर पाबंदी लगा दी है। कुछ लोग इस विवाद को बढ़ाना चाहते हैं। कुछ लोग इस मामले को तूल दे सकते हैं, इसलिए पहले ही जानकारी देने आए हैं। शाम को अनुसूचित जाति के लोग थाने पहुंचे और उन्होंने सामान्य वर्ग के लोगों पर सिंचाई के लिए पानी न देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। इस पर थाना पुलिस गांव पहुंची थी और दोनों वर्गों के लोगों को बैठाकर बातचीत की। इस दौरान अनुसूचित जाति के लोगों ने कह दिया कि वह कार्य नहीं करेंगे। दूसरे वर्ग के लोगों ने भी कहा कि वह अपने निजी ट्यूबवेल का पानी इन्हें नहीं देंगे। वह एक दूसरे का कोई सहयोग नहीं करेंगे। थाना पुलिस ने भविष्य में विवाद बढ़ने की आशंका में दोनों वर्गों के करीब 40 लोगों को मुचलका पाबंद कर दिया । तब से दोनों वर्गों के बीच विवाद नहीं हुआ।
इधर, अनुसूचित जाति के लोगों ने अपने खेत में ट्यूबवेल बनवाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को भी समाज के लोग अपना ट्यूबवेल बनाने में व्यस्त थे। उनका कहना है कि उनके खेतों में सिंचाई का साधन हो गया है। अब कोई विवाद नहीं है लेकिन वह कार्य किसी सूरत में नहीं करेंगे।
यह कई दिन पुराना मामला है। एक पक्ष ने जब दूसरे पक्ष के यहां काम करने बंद किए तो दूसरे पक्ष ने अपने निजी नलकूप से सिंचाई के लिए पानी बंद कर दिया। कोई मारपीट या विवाद तब भी नही हुआ था पर पुलिस ने एहतियात के तौर पर दोनों पक्ष के कुछ लोगों को मुचलका पाबंद कर दिया था। गांव में फिलहाल किसी तरह का विवाद नहीं है। किसी सार्वजनिक वस्तु या स्थान के लिए कोई प्रतिबंध भी नहीं है।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी