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घट रहीं गंगा, बढ़ रहा कटा

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बदायूं। गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट के साथकटान तेज होता जा रहा है। उसहैत के अहमनगर बछौरा, असमया रफतपुर में कटान और तेज हो गया है। इधर, कछला में ढकनगला बांध के लिए कटान से खतरा पैदा हो गया है। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड जगह-जगह बालू भरी बोरियां लगा रहा है। इस बीच बृहस्पतिवार को भी गंगा में 86470 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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एक सप्ताह से गंगा में लगातार उफान है। लगातार पांच दिन एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा था। दो दिन से एक लाख क्यूसेक से कम पानी छोड़ा जा रहा है। बुधवार को नरौरा से गंगा में 92081 पानी छोड़ा गया था। बृहस्पतिवार को 86470 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा के जलस्तर में कुछ गिरावट आई है। बृहस्पतिवार को कछला में गंगा का मीटरगेज खतरे के निशान पर 162.20 सेमी दर्ज किया गया।
इधर, जलस्तर कम होने के साथ गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। सरेली-अहमदनगर बछौरा मार्ग का करीब 20 मीटर हिस्सा कटान में चला गया है। कछला में ढकनगला बांध पर गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। ऐसे में बांध के लिए खतरा पैदा हो गया है। उसहैत के ठकुरीनगला में कटान रोकने के लिए बालू भरी बोरियां ल गाई गई हैं। उसहैत बांध के उस ओर बसे ठकुरी नगला, जटा, जसवंत नगला, कमलैयापुर, जटा, प्रेमी नगला, दल नगला, कदम नगला, रैपुरा गांवों का अब भी संपर्क कटा हुआ है।
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आज एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आने की संभावना
बदायूं। शुक्रवार को गंगा में नरौरा बैराज से एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़े जाने की संभावना है। दरअसल, बृहस्पतिवार को बिजनौर से गंगा में 92 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। यह पानी शुक्रवार तक नरौरा पहुंच जाएगा। ऐसे में संभावना है कि शुक्रवार को नरौरा से एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जाएगा। नरौरा से छोड़ा गया पानी 10 से 12 घंटे में कछला पहुंचता है। एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आने पर गंगा में एक बार फिर से उफान आएगा।
गंगा में वाटर डिस्चार्ज की स्थिति
शुक्रवार- 1.11 लाख क्यूसेक
शनिवार- 1.37 लाख क्यूसेक
रविवार- 1.42 लाख क्यूसेक
सोमवार- 1.43 लाख क्यूसेक
मंगलवार- 1.14 लाख क्यूसेक
बुधवार- 92081 क्यूसेक
बृहस्पतिवार- 86470 क्यूसेक
गंगा का जलस्तर घटने लगा है। कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। कटान रोकने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। बांधों की निगरानी की जा रही है। फिलहाल संवेदनशील स्थिति नहीं है। जहां भी कटान हो रहा है वहां निगरानी के साथ बाढ़ खंड की टीमें कटान रोकने के उपाय कर रही हैं। -उमेश चंद्र, एक्सईएन बाढ़ खंड
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