सहसवान। थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भवानीपुर खल्ली व भवानीपुर खैरू के जंगल में बीती रात एक बार फिर तेंदुए को देखे जाने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया। ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने तेंदुए को देखा था जिससे वे भयभीत होकर भाग खड़े हुए। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी ने क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही से इंकार करते हुए कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भवानीपुर खल्ली तथा भवानीपुर खैरू में सप्ताह भर पूर्व ग्रामीणों द्वारा जंगल में तेंदुआ देखने का दावा किया गया था। इसे लेकर क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। जंगल में काम कर रहे ग्रामीण तेंदुए के भय से अपने-अपने घरों को भाग गए थे। वन विभाग को भी तेंदुआ के जंगल में आने की जानकारी दी गई जिस पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। क्षेत्र में तेंदुए के पदचिह्नों को लेकर जंगल की कांबिंग की गई परंतु तेंदुए का कोई भी पदचिन्ह वन विभाग की टीम को नहीं मिला। जो मिले, उन्हें लकड़बग्घे का बताया गया।
वन क्षेत्राधिकारी ने वन विभाग की टीम के कई दिनों के भ्रमण के उपरांत दावा किया कि जंगल में कहीं भी तेंदुआ नहीं है और न ही उसके पंजों के कोई सुराग मिले हैं। इधर, ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम भवानीपुर के जैनुल पुत्र राहत, शाहिद पुत्र हशमत, एहसान पुत्र गफूर आदि ने बताया कि वे लोग बीती रात जंगल में ट्यूबवेल से खेतों की सिंचाई कर रहे थे। तभी कुछ दूरी पर उन्हें कुछ बदबू का अहसास हुआ। उन लोगों ने टॉर्च डालकर देखा। टार्च की रोशनी पड़ते ही तेंदुआ छलांग मारकर भाग खड़ा हुआ। इसके बाद डर के मारे ग्रामीण अपने घरों को आ गए।
गांव में आकर उन्होंने अन्य लोगों को जानकारी दी। इसके बाद कई ग्रामीण तेंदुआ की तलाश में जंगल में पहुंचे लेकिन तेंदुआ कहीं दिखाई नहीं दिया। तेंदुए की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों में एक बार फिर भय व्याप्त है। ग्रामीणों ने खेतों पर काम करना छोड़ दिया है। इधर, वन क्षेत्राधिकारी संजय रस्तोगी ने बताया कि क्षेत्र में विभाग की टीम निरंतर गश्त कर रही है। टीम ने जंगल में किसी भी प्रकार के हिंसक पशु के साथ ही तेंदुए के घूमने की बात नहीं बताई है और न ही तेंदुआ जंगल में है। जंगल की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।