उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। पत्नी ने समय पर खाना नहीं दिया तो गुस्साए वृद्ध ने बुधवार शाम कछला पुल से गंगा नदी में छलांग लगा दी। गनीमत यह रही कि उस दौरान कुछ लोग शव का अंतिम संस्कार कर रहे थे।
उन्होंने वृद्ध को पुल से छलांग लगाते देखा तो शोर मचाने लगे। उनकी चीखपुकार सुनकर कुछ गोताखोर गंगा नदी में कूद पड़े और वृद्ध को कुछ दूर जाकर बचा लिया। वृद्ध को बेहोशी की हालत में स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है।
वृद्ध नन्हेलाल (70) उझानी कोतवाली क्षेत्र के फुलासी का रहने वाला है। बुधवार शाम वह अपने गांव से टेंपो में बैठकर कछला पुल पर पहुंचे। फिर बीच पुल पर खड़े होकर उन्होंने गंगा नदी में छलांग लगा दी। बताते हैं कि जिस जगह वृद्ध गंगा नदी में कूदे उस जगह पानी का तेज बहाव था। जिससे वह पानी में बहते हुए चले गए। उस समय कुछ लोग गंगा किनारे शव का अंतिम संस्कार कर रहे थे। उन्होंने वृद्ध को गंगा नदी में कूदते हुए देख लिया।
इससे उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। कुछ दूरी पर गोताखोर भी मौजूद थे। वे भी चीख-पुकार सुनकर आ गए और वृद्ध को बचाने के लिए गंगा में कूद गए। करीब आधा किलोमीटर वृद्ध गंगा में बहता रहा। अंत में गोताखोरों ने उसे बाहर निकाल लिया। तब तक वह बेहोश हो चुका था। गोताखोरों ने उसे उल्टा लिटाकर पेट में भरा पानी निकाला।
उसके बाद वृद्ध को उझानी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। होश में आने पर वृद्ध ने बताया कि उसका पत्नी से विवाद हो गया था। पत्नी समय पर खाना नहीं देती है। वह कई बार कह चुके हैं कि समय पर खाना दो। फिर भी उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। वृद्ध के तीन बेटे हैं। तीनों दिल्ली में रहते हैं। उनके पुल से कूदने की सूचना पर परिवार वाले स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए।