स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शुभराम कस्बे के वार्ड नंबर एक वाल्मीकि बस्ती में रहते हैं। शनिवार सुबह सात बजे वह रसोई में चाय बना रहे थे। रसोई गैस जलती हुई छोड़कर वह बाहर आ गए। इसी दौरान लीकेज की वजह से रसोई गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली। रसोई में भरा हुआ एक दूसरा सिलेंडर भी रखा था। वह भी आग की जद में आ गया। तेज धमाके के साथ सिलेंडर रसोई की दीवारें तोड़ता हुआ बाहर आकर गिरा। पड़ोसी सुखराम के घर के घर की दीवार भी सिलेंडर की चपेट में आकर ढह गई।
तेज धमाके की वजह से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। हादसे में शुभराम समेत पड़ोसी माखनलाल की पुत्री रिंकी (20), सुखराम की पुत्री पूनम (15), चांदनी (16) पुत्री कल्यान, सोनू (34) पुत्र छोटेलाल और सरबती (70) घायल हो गए। इन लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। सभी घायलों की हालत सामान्य है। खबर मिलने पर फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची। तब तक मोहल्ले के लोग आग पर काबू पा चुके थे। गनीमत ये रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
घटनास्थल बयां कर रहा हादसे की विभीषिका
उसहैत। गैस सिलेंडर में ब्लास्ट होने से शुभराम की रसोई की दीवारें धमाके से ढह गईं। पड़ोसी माखनलाल की एक दीवार भी ढह गई। शुभराम की रसोई में दो खाली, एक भरा हुआ सिलेंडर रखा था। अगर बाकी सिलेंडर भी भरे हुए होते तो बड़ी क्षति हो सकती थी।