बदायूं। संभावित बाढ़ से बचाव को लेकर की जा रहीं तैयारियां और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से गंगा-रामगंगा के तटवर्ती इलाकों में संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए किए जा रहे बंदोबस्त के बारे में जाना।
गंगा और रामगंगा में आने वाली बाढ़ के कारण हर वर्ष जिले के तटवर्ती 150 से ज्यादा गांव प्रभावित होते हैं। बाढ़ के बाद यहां संक्रामक रोगों का प्रकोप भी रहता है। मच्छरजनित बीमारियों का भी इन गांवों में काफी प्रकोप होता है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने तटवर्ती गांवों में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जाना। बाढ़ और संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए किए जा रहे उपयोग के बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने तटवर्ती गांवों में पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। यह भी चेताया कि दवाओं के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। दवाओं की उपलब्धता के बारे में भी जाना।
मुख्यमंत्री के साथ शासन स्तर के अधिकारियों ने सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय को तटवर्ती गांवों में नियमित दवाओं का छिड़काव कराने के साथ हेल्थ कैंपों के आयोजन के भी निर्देश दिए। बैठक में सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय समेत अन्य संबंधित अधिकारी रहे। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने अपनी ओर से सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है।