बदायूं में भाजपा नेता व डीसीबी चेयरमैन उमेश राठौर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला के खिलाफ पुलिस ने एक मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। महिला ने भी अपनी बेटी का वीडियो क्लिप बनाकर वायरल करने के आरोप में उमेश राठौर समेत तीन पर एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस की विवेचना में ये मामला झूठा बताकर इसमें एफआर लगा दी गई है।
18 सितंबर 2021 को भाजपा नेता व डीसीबी (जिला सहकारी बैंक) चेयरमैन उमेश राठौर ने महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक उमेश राठौर ने सैंजनी गांव में अपने रिश्तेदारों की साझेदारी में एक भट्ठा लगाया था। इसमें उमेश राठौर 40 प्रतिशत के हिस्सेदार थे। उनके रिश्तेदार राजीव चौहान 40 और महिला 20 प्रतिशत की हिस्सेदार थी। सरकारी अनुदान की वजह से महिला का नाम आधे की हिस्सेदार के रूप में अंकित कराया गया था। महिला के पति ने भट्ठे में बेइमानी की, जिससे भट्ठा बंद हो गया। इसके बाद महिला ने उनके व उनके रिश्तेदारों, बटाईदार के खिलाफ एक के बाद एक करके कई मामले दर्ज कराए। उन पर दुष्कर्म का आरोप भी लगाया गया। पुलिस की जांच में सभी मामले झूठे पाए गए। इससे पुलिस ने उन्हें निरस्त कर दिया।
पुलिस की जांच के मुताबिक महिला ने दुष्कर्म की झूठी कहानी बनाकर उनसे काफी रुपया और एक कार ठग ली। 18 सितंबर को ही महिला ने उमेश राठौर, भुवनेश कुमार और जेके सक्सेना के बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। तब से पुलिस दोनों मामलों की विवेचना कर रही थी। पुलिस के अनुसार विवेचना में महिला द्वारा लगाए सभी आरोप झूठे पाए गए। इससे मामले में एफआर लगा दी गई। जबकि उमेश राठौर की ओर से दर्ज महिला के खिलाफ मामले में पुलिस ने चार्जशीट लगा दी है।
जिम्मेदार बोले
एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान का कहना है कि कुछ समय पहले दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उमेश राठौर की ओर से दर्ज मामले में चार्जशीट लगाई गई है। जबकि महिला के मामले में एफआर लगा दी गई है। विवेचना में गुण दोष के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।