बरसात के दौरान फसल में तबाही के बाद बचा गेहूं भी किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। इसी मुसीबत से बुटला क्रय केंद्र पर शनिवार को खिरिया बकरपुर के किसान वीरेश कुमार को सामना करना पड़ा। सेंटर इंचार्ज ने दाने काले बताकर तौल करने से इंकार कर दिया।
खिरिया बकरपुर निवासी वीरेश और उसके बेटा बुटला स्थित सहकारी संघ के क्रय केंद्र पर गेहूं लदी ट्रॉली लेकर पहुंचा, तो सेंटर इंचार्ज राजीव यादव ने गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित बताई। वीरेश ने गुणवत्ता में रियायत का वास्ता भी दिया, लेकिन कोई गौर नहीं किया। वीरेश की मानें तो सेंटर इंचार्ज ने आढ़त पर जाकर गेहूं बेचने की कहकर ट्रैक्टर-ट्रॉली भी बैरंग लौटा दी गई। बाद में वह अपने बेटे के साथ बदायूं जाकर तहसीलदार सदर राजमणि मिश्रा से भी मिला।
आरोप है कि तहसीलदार ने भी गेहूं के मुद्दे पर उसे राहत नहीं पहुंचाई। थक-हार कर वह डीएम कार्यालय पर भी गया लेकिन डीएम नहीं मिले। वीरेश के बेटे ने बताया कि दैवीय आपदा के शिकार किसानों को सेंटरों पर परेशान किया जा रहा है। अफसर गौर नहीं करेंगे तो दिक्कत बढ़ जाएगी। बता दें कि सरकार ने बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त गेहूं को भी सेंटरों पर खरीदे जाने का आदेश दिया था।