बदायूं। जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में रोगियों के लिए सीबीटी और एमबीसीटी थेरेपी शुरू की गई है। इससे मरीजों की मानसिक स्थिति को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में 200 से ज्यादा मरीजों को यह थेरेपी दी जा रही है। डॉक्टर के अनुसार, इस थेरेपी से कई मरीजों की सोच में बदलाव भी दिख रहा है। ऐसे में यह सफल थेरेपी मानी जा रही।
मानसिक रोग विभाग में हर दिन 20 से 25 नए मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं। इसमें पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या ज्यादा है। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. सर्वेश कुमारी ने बताया कि महिलाओं की काउंसलिंग के दौरान पता चल रहा है कि महिलाओं में पारिवारिक दबाव का तनाव ज्यादा देखा जा रहा है। कई महिलाओं ने बताया कि सास, ससुर और पति से अपनापन नहीं मिल पा रहा। उन्हें कोई समझने वाला नहीं है।
डॉक्टर के अनुसार, कई महिलाओं में यह भी देखा गया है कि उनके भाई और पति की मृत्यु के बाद वह वर्तमान में जी नहीं पा रहीं। इसी तरह ओपीडी में आने वाले 90 फीसदी पुरुषों में देखा गया है कि काम करने के बाद घर आने पर उन्हें कोई तवज्जों नहीं मिलती। इस वजह से परेशान रहते हैं और घर जाने का मन नहीं होता। कई पुरुष तो दूसरी महिलाओं के संपर्क में भी आ गए हैं।
डॉ. सर्वेश कुमारी के अनुसार, ऐसे मरीजों को वर्तमान स्थिति से अवगत कराने के लिए उनकी सीबीटी थेरेपी की जा रही है। इस थेरेपी के माध्यम से मरीजों को सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने में बदलाव किया जा रहा है। यह थेरेपी पढ़े-लिखे लोगों पर ज्यादा कारगर है। इसी तरह एमबीसीटी थेरेपी अवसाद में चल रहे लोगों पर ज्यादा कारगर साबित है। इसके माध्यम से नकारात्मक विचारों और भावनाओं को कम करने और अधिक सकारात्मक सोच को विकसित किया जा रहा है।
तनाव के लक्षण
- ज्यादा नींद आना
- सीने में दर्द या दिल की धड़कन तेज होना
- थका महसूस करना
- मांसपेशियों में तनाव या जबड़े का अकड़ना
- भूख में बदलाव
तनाव से बचाव के उपाए
- नियमित रूप से व्यायाम
- संतुलित आहार लें और पोषक तत्वों का सेवन करें
-पर्याप्त नींद
-मेडिटेशन
-परिवार के साथ समय बिताएं