बदायूं। रविवार को हुई उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) दे रहे उन परीक्षार्थियों पर भारी गुजरी जो बीएड की अपनी मूल अंकतालिका लेकर नहीं आए थे। इसे न दिखा पाने वाले तमाम परीक्षार्थियों को बीच परीक्षा में ही बाहर कर दिया गया। वे मूल अंकतालिका के बजाय सत्यापित प्रति दिखाते रहे लेकिन उनकी कोई बात नहीं सुनी गई। बाहर निकालने का विरोध करने पर गिंदोदेवी महिला डिग्री कॉलेज में परीक्षार्थियों ने हंगामा किया।
हंगामा कर रहे परीक्षार्थियों को पुलिस कर्मियों ने हटा दिया। इधर, केंद्र व्यवस्थापक डॉ. गार्गी बुलबुल ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों को परीक्षा से बाहर किया गया उनके पास परीक्षा से संबंधित जरूरी अभिलेख नहीं थे। वहीं, सचल दलों के साथ ही सेक्टर और पर्यवेक्षक परीक्षा केंद्रों का जायजा लेते रहे। दोनों पालियों में 854 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। जिले में कुल 8822 अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठना था, जिनमें से 7968 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। शांति व्यवस्था की दृष्टि से सभी केंद्रों पर पुलिस फोर्स भी तैनात रहा। जिला विद्यालय निरीक्षक मुन्ने अली और डायट प्राचार्य राजीव कुमार दिवाकर की अगुवाई में बने सचल दल भी केंद्रों पर पहुंचे। हालांकि किसी भी केंद्र पर एक भी अभ्यर्थी के अनुचित साधन में नहीं पकड़े जाने की सूचना है। वहीं, शहर में सभी परीक्षा केंद्रों पर पास दोनों पालियों में जाम जैसी स्थिति रही। उसकी वजह थी कि अभ्यर्थियों के साथ ही उनके परिवार के लोग भी आए थे। ज्यादातर अपने वाहनों से आए थे इसलिए परीक्षा केंद्रों के आसपास वाहनों को खड़ा करने की जगह नहीं थी।
सभी केंद्रों पर की गई वीडियोग्राफी
इस परीक्षा को लेकर शासन बेहद गंभीर था। किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए शासन के निर्देश पर सभी केंद्रों पर वीडियोग्राफी कराई गई। प्रश्न पत्र खोलते हुए ओएमआर शीट को सील करते समय भी वीडियोग्राफी की गई। पूर्व में हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा में धांधली की शिकायतें रहीं थी सो इस बार शासन ने शुरू से ही परीक्षा को नकलविहीन कराने को कसर कस ली थी। शासन स्तर से परीक्षा के बारे में लगातार जानकारी ली जाती रही। धर, जिला विद्यालय निरीक्षक मुन्ने अली ने बताया कि परीक्षा होने के बाद सभी ओएमआर शीट कोषागार में डबल लॉक में रखी गई हैं। उन्हें 17 अक्तूबर तक भेजा जाना है।
शिक्षामित्रों में ज्यादा थी परीक्षा को लेकर उत्सुकता
समायोजन रद्द होने के बाद से शिक्षामित्र भी शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी में लगे थे। देखा गया कि सभी केंद्रों पर शिक्षामित्र भी अच्छी खासी संख्या में इस परीक्षा को दे रहे थे, सो उनमें शुरू से ही परीक्षा को लेकर उत्सुकता थी।