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यूक्रेन में जंग की आशंका बढ़ी तो लौट आए कारोबारी नरेंद्र सिंह

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नरेंद्र सिंह राठौर अपनी पत्नी एलेना और बेटे के साथ। (विज्ञप्ति) - फोटो : BADAUN
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बदायूं। कारोबारी नरेंद्र सिंह यूक्रेन में जंग की आशंका बढ़ी तो भारत लौट आए। उनकी रूसी मूल की पत्नी एलेना व दो बेटे साल भर पहले बदायूं आ गए थे।
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जिले के वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता रहे लोकपाल सिंह के बेटे नरेंद्र सिंह ने बताया कि रूस के मास्को व यूक्रेन के अडेसा शहर में उनका चाय व कॉफी का बड़ा कारोबार है। इसे बनाने की फर्म से लेकर निर्यात की कंपनियां उनकी हैं। वह 1985 में पढ़ाई के लिए रूस गए थे और वहां एलेना से मुलाकात के बाद शादी कर ली। उनके तीन बेटे विजय सिंह, अवनेश सिंह और देव सिंह है। साल भर पहले तक परिवार मास्को व यूक्रेन के शहरों में रहकर कारोबार देखता था। वहां साल भर पहले से तनाव की स्थिति चल रही है। उन्हें युद्ध की आशंका काफी पहले से थी। इसलिए परिवार को साल भर पहले ही बदायूं ले आए थे। मंझला बेटा अवनेश अब कनाडा में और बाकी लोग बदायूं में रह रहे हैं।
नरेंद्र सिंह ने बताया कि वह अकेले ही रहकर अपना कारोबार देख रहे थे। स्थिति विस्फोटक होने पर रविवार को वह भी घर आ गए। उन्होंने बताया कि उनको रोज आठ से दस मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है पर अपनी और परिवार की जान ज्यादा कीमती है। यहीं से इंटरनेट व कॉल के सहारे कारोबार का संचालन कर रहे हैं। बताया कि परिवार को तो वहां नहीं भेजेंगे पर माहौल सुधरने पर खुद जाएंगे।
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रूस में उझानी के छात्र ने बताया सुरक्षित माहौल
उझानी। रुस के आरखंगिल्स नार्दन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे अरुण यादव उझानी के अहीरटोला मोहल्ला निवासी लेखपाल छत्रपाल यादव के बेटे हैं। रुस और यूक्रेन में युद्ध के बीच छत्रपाल सिंह ने बृहस्पतिवार शाम बेटे से बात की। अरुण ने रूस में सुरक्षित माहौल बताया है। बदायूं के कुछ मेडिकल छात्र भी कजाकिस्तान व रूस से शहरों के मेडिकल कॉलेजों से पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि अधिकतर छात्र कोरोना संक्रमण के बाद से यहां अपने घरों पर ही हैं और ऑनलाइन क्लास कर रहे हैं। संवाद
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