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इंजन ने दिया धोखा... वर्कशॉप में खड़ी ‘कमाऊ’ बसें, यात्री परेशान

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बस स्टैंड पर खड़ी खटारा बस। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। परिवहन निगम के बदायूं डिपो की रोडवेज बसों का बुरा हाल है। खटारा बसों को छोड़कर अन्य बसों की बात करें तो डिपो को अच्छी कमाई देने वाली बसों के इंजन भी धोखा दे रहे हैं। ‘कमाऊ’ बसों को वर्कशॉप में कई-कई दिन खड़ा रहना पड़ रहा है। इससे यात्री भी परेशान होते हैं। प्रतिदिन 25 हजार रुपये तक का लोड फैक्टर जुटाने वाली बसें भी इंजन की खराबी दूर न होने से वर्कशॉप में धूल फांक रही हैं।
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रोडवेज के बदायूं डिपो के बेड़े में निगम की 131 और अनुबंधित 37 बसें शामिल हैं। निगम की 131 बसों में से 50 बसों की आयु 10 वर्ष से ज्यादा हो चुकी है। इनके दिल्ली में प्रवेश पर रोक है। इन 50 बसों में से 37 ऐसी बसें हैं जो नीलामी की लाइन में हैं। बेड़े की शेष 81 बसों में से भी 20 की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है।
गौर करने की बात यह है कि कई नई बसें इंजन की खराबी के कारण दौड़ने में हांफ रही हैं। इनमें ऐसी बसें भी शामिल हैं जो प्रतिदिन 25 हजार रुपये तक की कमाई करती हैं।
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दरअसल, बसों के इंजन संबंधी ज्यादातर काम बरेली वर्कशॉप में होते हैं। स्थानीय स्तर पर वर्कशॉप स्टाफ इंजन की खराबी तलाश नहीं कर पाते। बसों को ठीक कराने के लिए चालक-परिचालकों को सुविधा शुल्क तक देना पड़ता है। इंजन दुरुस्त कराने के लिए किसी बस को बरेली भेजा जाता है तो स्थानीय वर्कशॉप के सीनियर फोरमैन की रिपोर्ट भी जरूरी होती है। रिपोर्ट बनाने में ही कोताही बरती जाती है, ऐसे में बेवजह नई बसों को भी खड़ा रहना होता है। इसका सीधा असर डिपो की आमदनी पर होता है। गर्मियों के मौसम में इंजन संबंधी समस्या ज्यादा बढ़ गई हैं।
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बदायूं और बरेली वर्कशॉप के बीच तालमेल नहीं
बदायूं और बरेली के वर्कशॉप के बीच तालमेल नहीं है। जब बदायूं से किसी बस को इंजन के लिए बरेली भेजा जाता है तो वर्कशॉप से ग्रुप इंचार्ज चिट्ठी भी भेजते हैं। इस चिट्ठी की खामियां इंजन को दुरुस्त नहीं होने देतीं। कई बसें तो ऐसी हैं जिनके इंजन बार-बार ठीक कराए जा रहे हैं, इसके बाद भी यह रास्ते में खड़ी हो जा रही हैं। डिपो की बस नंबर 5848 का संचालन बदायूं-दिल्ली के बीच होता है। छह सौ किमी प्रतिदिन चल कर यह बस 25 हजार रुपये जुटाती है। इंजन खराब होने के कारण एक सप्ताह से वर्कशॉप में खड़ी है। बस नंबर 2005 जलालाबाद-बदायूं-दिल्ली के बीच चलती है। प्रतिदिन 28 हजार रुपये की कमाई करने वाली यह बस भी इंजन की खराबी के कारण वर्कशॉप में खड़ी है। बस नंबर 6719 बदायूं-पीलीभीत रूप पर प्रतिदिन 326 किमी दौड़कर 15 हजार रुपये जुटाती है। इंजन की खराबी के कारण यह बस भी खड़ी है।
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गर्मियों बढ़ने के कारण बसों के इंजन में खराबी आने लगी है। बसों के इंजन बरेली वर्कशॉप में संभलते हैं। कुछ कमियां हैं इनके बारे में उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। डिपो की 37 बसें नीलाम होनी है। इनके संबंध में मुख्यालय रिपोर्ट भेज दी गई है। वर्कशॉप स्टाफ की अगर कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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-लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो
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