बदायूं। रोडवेज बसों की कमी का असर दिल्ली और फर्रुखाबाद समेत कई रूटों पर दिखने लगा है। शुक्रवार को यात्री बसों के इंतजार में भटकते रहे। दरअसल, बदायूं डिपो की 42 बसें चुनाव ड्यूटी में रवाना हो गई हैं। इसका सीधा असर यातायात व्यवस्था पर दिख रहा है। बसों की कमी के बीच डग्गामार वाहन सक्रिय हो गए हैं।
चुनाव आयोग ने पहले चरण के लिए 25 और दूसरे चरण के लिए 17 बसों का अधिग्रहण किया था। पहले चरण के लिए 25 बसों की पांच और छह फरवरी को रवानगी हो गई। अब दूसरे चरण के लिए भी 17 बसों की रवानगी हो गई है। बदायूं डिपो के बेड़े में 131 निगम की और 37 अनुबंधित बसें हैं। अनुबंधित बसों का संचालन लोकल रूटों पर होता है। बेड़े से 42 बसों की रवानगी होने के बाद अब बेड़े में 89 बसें बची हैं। इनमें भी 50 से ज्यादा बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक है। यह बसें दस वर्ष से ज्यादा की उम्र पूरा कर चुकी हैं। ऐसे में इन खटारा बसों को किसी तरह से लोकल रूटों पर दौड़ाया जा रहा है।
शुक्रवार को दिन में सबसे ज्यादा दिक्कत फर्रुखाबाद, दातागंज, दिल्ली रूट पर रही। यात्रियों को बसों के इंतजार में भटकना पड़ा और मजबूरी में डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। एआरएम लक्ष्मण सिंह का कहना है कि जरूरत के अनुसार सभी रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। यात्रियों को समस्या न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। संवाद