प्रशासन ने रविवार को चस्पा किया था नोटिस
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सरकारी बंजर जमीन कब्जाकर बनाया था मार्केट
सैंजनी चौराहा से हजरतपुर रोड पर पीडब्ल्यूडी के रोड किनारे की सरकारी अभिलेख में दर्ज बंजर जमीन को कब्जाकर यह मार्केट बनाया गया था। अजय और उसके ताऊ राकेश सिंह ने यहां अपनी दुकानें बनवाकर किराये पर उठा दी थीं और मोटी आमदनी कर रहे थे। भतीजे के साथ आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने वाले ताऊ राकेश सिंह को भी खामियाजा भुगतना पड़ा। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बंजर जमीन पर कब्जा करके व्यावसायिक गतिविधियां करने वालों को पहले नोटिस दिया गया था। इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया तो विधिक प्रक्रिया के तहत निर्माण तोड़कर रास्ता खाली कराया गया।
चालीस और दुकानों पर ध्वस्तीकरण का खतरा
अजय के साथ ही उसके परिवार के अन्य लोगों ने भी यहां रोड किनारे की महंगी जमीन कब्जाकर दुकानें बनवा रखी हैं। इसी सीध से अन्य बिरादरी के कुछ रसूखदार लोगों ने भी सैंजनी चौराहे के पास बाजार विकसित कर लिया है। अब अन्य लोगों की करीब चालीस दुकानें इसी तरह बंजर जमीन पर बनाने की पुष्टि हुई है। एसडीएम ने बताया कि इन सभी को नोटिस दिया जा रहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो इन दुकानों को भी ध्वस्त किया जाएगा।
बदायूं दोहरा हत्याकांड
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दबंगई के दम पर अजय ने सैजनी चौराहे पर बना ली थी मार्केट
दोहरे हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह ने दबंगई और रसूख के दम पर सैजनी गांव में चौराहे के पास पूरा मार्केट बना लिया था। नोटिस लगने के बाद रविवार रात में ही किरायेदार दुकानदारों ने दुकानें खाली कर दीं, अजय के परिजनों व करीबियों ने शटर और जंगले भी तोड़कर कहीं छुपा दिए।
शाहजहांपुर के दबंग परिवार से जुड़ा अजय प्रताप सिंह पूरी दबंगई से सैजनी में आकर बस गया था। चौराहे के पास ही उसने सड़क किनारे पूरा बाजार विकसित किया हुआ है। इनमें छह दुकानों के साथ ही आवासीय जगह भी है। लगभग सभी दुकानें किराये पर दी गई थीं। इनमें से एक में चप्पल-जूतों की दुकान, दूसरी में मेडिकल स्टोर, एक में जनसेवा केंद्र व अन्य तरह के धंधे चल रहे थे। घटना के बाद दहशत में सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी थीं।
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रविवार सुबह इन दुकानों को निर्माण मानकों के विपरीत बताकर ध्वस्तीकरण पूर्व कार्रवाई का नोटिस चस्पा हुआ तो शाम ढलते ही दुकानदारों ने अपना सामान यहां से हटा लिया। इनमें से एक दुकानदार ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने पगड़ी के रूप में अच्छी खासी रकम अजय को दी थी, काम भी ठीक चल रहा था। अब उनकी वह रकम भी मारी गई। दुकान भी कहीं दूसरी जगह पता नहीं कब मिल सकेगी। फिलहाल, सामान उन्होंने अपने घर पर रख लिया है। सभी दुकानों के लोहे के शटर भी उखड़े हुए थे। इस बारे में संबंधित दुकानदारों ने जानकारी न होने की बात कही।