इधर, जब इस बारे में फौजी के बेटे को जानकारी हुई तो उसने थाने के एक सिपाही को कॉल करके बात की। उसने पुलिस से नाराजगी व्यक्त की। वह ऑडियो में बोल रहा है कि उसके पिता से गलत तरह से रुपये लिए गए। उनका कसूर क्या था। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था। आपको पता है कि हमारा रुपया कितनी मेहनत और खून पसीने की कमाई का है। दरोगा ने जो दो हजार रुपये लिए हैं, मुझे दुख हो रहा है। हमारे लिए दो हजार रुपये दो लाख के बराबर हैं। इस पर पुलिसकर्मी कह रहा है चलो बात खत्म करो गूगल पे नंबर दो, मैं उस पर डाल देता हूं। इसके बावजूद फौजी को केवल एक हजार रुपये ही वापस किए गए। बातचीत कर रहा सिपाही भी रिटायर्ड फौजी बताया जा रहा है।
इस प्रकरण के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है और न ही मेरे पास ऑडियो आया है। ऑडियो आने पर मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी