एक दुकानदार पप्पू का कहना है कि जिस समय उनका बैग चोरी हुआ, उस दौरान वह हरिद्वार से आया था। वह रेलवे स्टेशन की ओर भी नहीं गया था। इसके बावजूद उसके साथ मारपीट की गई। उसकी उंगली मरोड़ दी गई, जिससे उसका पूरा हाथ सूज गया। पप्पू ने बताया उसके अलावा नन्हे, अनिल, फूल सिंह आदि से भी इसी तरह पूछताछ की गई है। अनिल ने भी आरोप लगाया है कि उससे पानी में सिर डुबोकर पूछताछ की गई। फिलहाल पीएसी के जवानों का बैग नहीं मिला है। जवान उसे तलाश कर रहे हैं।
अधिकारियों से मामला छिपा गए जवान
कछला रेलवे स्टेशन पर प्रसाद आदि बेचने वाले दुकानदारों के साथ जिन जवानों ने मारपीट की है, उन जवानों ने अपने अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं दी है। हालांकि बताया जा रहा है कि इसकी सूचना अधिकारियों तक पहुंच गई है। इससे तमाम अधिकारी आकर मामले की गोपनीय रूप से छानबीन भी कर चुके हैं लेकिन अभी तक यह मामला उजागर नहीं किया है। फिलहाल पीएसी के जवान मामले को छिपाने में लगे हैं।
कछला रेलवे स्टेशन पर तैनात पीएसी ने कोतवाली पुलिस को कोई सूचना नहीं दी है। हमने इस संबंध में इंस्पेक्टर उझानी से भी बात की। उन्होंने भी कोई सूचना मिलने से इन्कार किया है। कछला पर तैनात पीएसी, जीआरपी की ओर से लगाई गई है।
- शक्ति सिंह, सीओ उझानी
बैग चोरी के संबंध में हमें कोई जानकरी नहीं है। कछला रेलवे स्टेशन पर 43 वीं वाहिनी एटा पीएसी तैनात है। हमारी रोजाना प्लाटून कमांडर से बात हो रही है। उन्होंने कोई ऐसी बात नहीं बताई है।
- संजय कुमार सिंह, एसओ जीआरपी
हमारा कैंप कार्यालय राधेलाल इंटर कॉलेज में है। मेरा कमरा कुछ दूर है और जवानों का कमरा दूसरी ओर है। वहीं पर मैस है। हमारे सभी अधिकारियों ने आकर कारतूस चेक किए हैं। हमारा कोई कारतूस चोरी नहीं हुआ है। अगर किसी जवान ने दुकानदारों से पूछताछ की है तो मैं इसका पता लगाता हूं।
- हरवेंद्र सिंह, प्लाटून कमांडर, 43 वीं वाहिनी एटा