बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में 15 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। बदायूं डीएम अवनीश राय और तत्कालीन एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने भी एसआईटी के सामने अपना पक्ष रखा है। अब एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट इस हफ्ते के अंत तक शासन को भेजने की तैयारी कर रही है।
सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के बायोगैस प्लांट में 12 मार्च को दो अधिकारियों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में मुख्य हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह ने मुसाझाग थाने में समर्पण कर दिया था। इस हत्याकांड के बाद अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए। जांच के दौरान पता चला कि जिन अधिकारियों की हत्या की गई थी, उन्होंने 14 जनवरी को ही बदायूं के डीएम अवनीश राय से मिलकर जान का खतरा जताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई थी। डीएम ने एसडीएम दातागंज और सीओ उझानी को कार्रवाई का आदेश दिया था, लेकिन इन दोनों अफसरों की ओर से सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई।
शिकायत पर पुलिस ने नहीं की थी कार्रवाई
बदायूं के जिलाधिकारी ने भी बाद में इस मामले को संज्ञान में नहीं लिया गया। पांच फरवरी को उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता ने पुलिस से आरोपी की शिकायत कर गंभीर आरोप लगाए थे। इस शिकायत पर रिपोर्ट तो दर्ज की गई, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। जिला स्तरीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे। यही कारण रहा कि एसआईटी ने डीएम अवनीश राय और तत्कालीन एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह समेत कई अधिकारियों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा।