रायपुर बुजुर्ग में चल रही कथा के दौरान कंस वध की झांकी पेश करते बच्चे। संवाद
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बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव रायपुर बुजुर्ग की मौर्य बस्ती में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन मंगलवार को कथावाचक सुरेश रतन ने श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह का प्रसंग सुनाया। सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
उन्होंने कहा नारद जी भ्रमण पर निकले तो रुक्मणि के पिता से मिलकर उन्हें बताया कि बेटी का विवाह तीन पगों में तीन लोक नापने वाले त्रिलोकीनाथ श्री कृष्ण से होगा। उन्होंने राजा भीष्मक को यह भी बताया कि रुक्मणि को ब्याहने उनके घर दो वर आएंगे। नारद की बात सुनकर रुकमणि के भाई रुक्मण नाराज हो गए। वह बहन रुक्मणि की शादी अपने मित्र राजा शिशुपाल से कराना चाहते थे। वह राजा शिशुपाल को बहन के विवाह का प्रस्ताव भेजते हैं और साथ में उनको इस बात की चिंता भी सताने लगती है कि कहीं श्रीकृष्ण जी बरात लेकर न आ जाएं। इसलिए वह जरासंध को भी अपनी सेना साथ लाने को कहते हैं।
उधर रुक्मणि इस बात का संदेश श्रीकृष्ण को भिजवा देती हैं। श्री कृष्ण गौरीशंकर मंदिर में पूजा करने पहुंचीं रुक्मणि को हर ले जाते हैं। जब शिशुपाल और जरासंध को इस घटना का पता लगता है तो वह उनका पीछा करते हैं। इधर, रुक्मण को जब अहसास हुआ कि श्रीकृष्ण स्वयं नारायण हैं और रुक्मणि लक्ष्मी जी तो वह श्रीकृष्ण और रुक्मणि का स्वयं विवाह करवाते हैं।
कथा के दौरान बच्चों ने कंस वध की झांकी भी प्रस्तुत की। बुधवार को यहां भंडारा होगा। इस मौके केशव शाक्य, चरन सिंह, नत्थूलाल, बांकेलाल सागर, नेत्रपाल सिंह पाली, सुरेश सिंह, शारदा देवी, सुषमा शाक्य, प्रेमवती, सोमेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद