बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए सीटिंग प्लान के तहत राजकीय महिला इंटर कॉलेज में चिट लगाते कर्मचारी
बदायूं। जनपद के चार केंद्रों पर बीएड प्रवेश परीक्षा रविवार को दो पाली में कराई जाएगी। परीक्षा को लेकर सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम कर लिए गए हैं। चार केंद्रों पर कुल 1441 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। वहीं केंद्र व्यवस्थाओं ने सीटिंग प्लान बनाने के साथ तैयारियां पूरी कर ली हैं। वहीं परीक्षार्थियों के साथ कक्ष निरीक्षकों के भी मोबाइल फोन लाने पर पाबंदी है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से चार केंद्रों पर कराई जा रही परीक्षा के लिए नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार व महिपद को जनपद भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को दो पेपर दो अलग-अलग पालियों में देने होंगे। चार केंद्रों में से राजकीय महाविद्यालय आवास विकास में 173 अभ्यर्थी, पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज में 384, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में 384 और एनएमएसएन दास डिग्री कॉलेज में 500 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
प्रथम पाली सुबह नौ से 12 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक होगी। जिला प्रशासन और केंद्रों के जिम्मेदारों ने परीक्षा को पारदर्शी व नकलविहीन संपन्न कराने के लिए तैयारी को अंतिम रूप दे दिया है। कहा कि प्रत्येक परीक्षार्थी को प्रवेश पत्र के साथ ही उसकी एक छायाप्रति भी लानी होगी। प्रवेश पत्र और आईडी दिखाकर ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। शनिवार को चारों केंद्रों पर सीटिंग प्लान का काम पूरा कर लिया गया। एक कक्ष में दो निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय है। चारों केंद्रों पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। सचल दल, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए गए हैं कि कक्ष निरीक्षक सुबह 6:30 बजे पर परीक्षा केंद्र पर कंट्रोल रूम में अवश्य पहुंच जाएं।
स्मार्ट वॉच पर रहेगा प्रतिबंध
परीक्षा में अभ्यर्थी को प्रवेश पत्र के साथ उसकी एक छाया प्रति भी लानी होगी। एक पासपोर्ट साइज की फोटो और एक पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा में कैल्कुलेटर, स्मार्ट वॉच, मोबाइल फोन आदि किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लाना प्रतिबंधित रहेगा।
कोट-
- जनपद में चार केंद्रों पर बीएड प्रवेश परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन संपन्न कराया जाएगा। परीक्षा ड्यूटी से जुड़े अधिकारियों और केंद्रों के व्यवस्थापकों को निर्देश दिए जा चुके हैं। - अरुण कुमार, एडीएम प्रशासन