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भैंस की पूंछ भी न आई काम: चार दोस्त संग गंगा नहाने गया था निशांत, फिर नहीं लौटा; पढ़ें हादसे की दर्दनाक कहानी

Sat, 13 Aug 2022 05:35 PM IST
Vikas Kumar अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं

सार

भूपेंद्र ने बताया कि निशांत जहां पर स्नान कर रहा था, उसके पास ही एक भैंस भी थी। भैंस दूसरी पार बढ़ने लगी तो निशांत ने उसकी पूंछ पकड़ ली। उसे लगा कि वह भैंस की पूंछ के सहारे बहने से बचते हुए गंगा पार निकल जाएगा लेकिन अचानक ही पूंछ उसके हाथ से छूट गई। 
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मृतक निशांत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा स्नान करने नूरगंज घाट गए पांच किशोर में तीन बह गए। दो किशोर तो डूबने से बाल-बाल बच गए लेकिन निशांत बह गया। उसका पता नहीं लगने पर चारों किशोर घर पहुंचे और परिवार वालों को मौके पर बुला लाए। करीब दो घंटे बाद गोताखोरों समेत ग्रामीणों ने उसे खोज निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। निशांत कछला के राधेलाल इंटर कॉलेज में 10वीं का छात्र था।

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गांव कोटरा निवासी निशांत (15) पुत्र रिंकू, अजय (15) पुत्र राजकुमार, शेखर (14) पुत्र मुगेंद्र सिंह, भूपेंद्र (16) पुत्र पिंकू सिंह और अखिल (15) पुत्र सुभाष शनिवार पूर्वाह्न नहाने गए थे। गंगा में बाढ़ की वजह से घाट भी बेतरतीब हो गया था। इसके बाद भी निशांत समेत पांच किशोर गंगा स्नान करने लगे। नहाते समय निशांत गहरे में चला गया। निशांत को बचाने के लिए शेखर और भूपेंद्र आगे बढ़े तो उन्हें गोता लग गया। 
बाल-बाल बचे शेखर और भूपेंद्र के शोर मचाने पर निशांत ने गंगा में भैंस की पूंछ भी पकड़ ली, लेकिन पूंछ से हाथ छूटते ही निशांत बह गया। यह देख उसके तीन साथी दौड़कर गांव कोटरा पहुंचे और परिवार वालों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। निशांत के परिजन समेत कई लोग घाट आ गए। उन्होंने गोताखोरों की मदद से खोजबीन के दौरान निशांत के शव को तलाश लिया। सूचना के बाद मौके पर पुलिस कर्मी भी पहुंचे लेकिन परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।

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भैंस की पूंछ भी जिंदगी बचाने में नहीं आई काम

प्रत्यक्षदर्शी किशोर भूपेंद्र ने बताया कि निशांत जहां पर स्नान कर रहा था, उसके पास ही एक भैंस भी थी। भैंस दूसरी पार बढ़ने लगी तो निशांत ने उसकी पूंछ पकड़ ली। उसे लगा कि वह भैंस की पूंछ के सहारे बहने से बचते हुए गंगा पार निकल जाएगा लेकिन अचानक ही पूंछ उसके हाथ से छूट गई। इसके कुछ देर बाद ही निशांत ओझल हो गया। मृतक के परिजन को भी उसके अन्य साथियों ने भी यही बताया है।
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