प्रत्यक्षदर्शी किशोर भूपेंद्र ने बताया कि निशांत जहां पर स्नान कर रहा था, उसके पास ही एक भैंस भी थी। भैंस दूसरी पार बढ़ने लगी तो निशांत ने उसकी पूंछ पकड़ ली। उसे लगा कि वह भैंस की पूंछ के सहारे बहने से बचते हुए गंगा पार निकल जाएगा लेकिन अचानक ही पूंछ उसके हाथ से छूट गई। इसके कुछ देर बाद ही निशांत ओझल हो गया। मृतक के परिजन को भी उसके अन्य साथियों ने भी यही बताया है।