बदायूं। नगर पालिका ने बुुधवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत करते हुए कई दुकानों के आगे नाले नालियों पर पड़ी स्लैब तोड़ दीं। इस दौरान टीम की व्यापारियों से हल्की नोकझोंक भी हुई लेकिन पुलिस के सामने ज्यादा विरोध नहीं हो पाया। एक दिन अभियान चलने के बाद फिलहाल सरकार के निर्देश पर यह पांच दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है।
अतिक्रमण ने शहर की सड़कों की दशा खराब कर दी है। ऐसे में इन सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है। इसको लेकर अमर उजाला ने भी जनता की समस्या को उठाते हुए खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद में शहर में अधिकारियों की नींद टूटी और बुधवार से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू हो गया। बुधवार को नगर पालिका की टीम जेसीबी के साथ चूना मंडी पहुंची। इस दौरान कोतवाली पुलिस भी साथ में थी। ऐसे में वहां पर व्यापारियों ने अभियान को विरोध नहीं किया, हालांकि हल्की नोकझोंक जरूर हुई।
अभियान चूना मंडी से होता हुआ हलवाई चौक पहुंचा। वहां से सराफा बाजार होते हुए बर्तन बाजार की तरफ दुकानों के आगे की स्लैब तोड़ दी गईं। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने ज्यादा नुकसान से बचने के लिए खुद ही अपने स्लैब तोड़ दिए। हालांकि शाम होने तक प्रशासन के पास यह सूचना आ गई कि शासन स्तर से ही अभी व्यापारियों को पांच दिन का समय और दे दिया गया है। इसके बाद फिलहाल यह अभियान अभी पांच दिन स्थगित रहेगा।
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जहां जरूरत वहां से नहीं हुई शुरुआत
पालिका ने अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत तो कर दी, लेकिन सही मायनों में जहां जरूरत थी वहां से न तो शुरुआत हुई और न ही आज तक उन जगहों पर अभियान सफल हो पाया। कुछ जगह तो ऐसी हैं जहां पालिका ने घोर समस्या होते हुए भी अभियान चलाना तक मुनासिब नहीं समझा। बड़ा बाजार, छह सड़का, गांधी ग्राउंड से छह सड़का, पनबड़िया आदि जगहों पर नालों पर सबसे ज्यादा अतिक्रमण है लेकिन यहां अभियान हमेशा औपचारिकता बनकर रह गया। इसके अलावा सुभाष चौक तो सबसे ज्यादा संकरा चौराहा है। सबसे ज्यादा भीड़ और जाम की समस्या भी यहीं रहती है लेकिन पालिका यहां पर आज तक अभियान नहीं चलवा सकी। लोगों का कहना है कि यहां के अधिकतर व्यापारी सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े हैं, इसलिए प्रशासन यहां अभियान चलाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
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अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार चलेगा। शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। जिन लोगों ने सड़कों पर कब्जा कर स्थायी निर्माण कराया है, वह ध्वस्त कराया जाए। हालांकि शासन के निर्देश पर व्यापारियों को अब अतिक्रमण हटाने के लिए पांच दिन का समय दिया जा रहा है। अगर उनके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटा मिला तो बलपूर्वक हटाया जाएगा।
-अमित कुमार, प्रभारी ईओ, नगर पालिका