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Budaun News: सम्मेलन में बीज अधिनियम–2025 को व्यापारियों ने बताया काला कानून

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शहर के एक लॉन में आयोजित बीज व्यापारियों के 36 वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल व्यापारी। स्रोत- स - फोटो : मरीजों की जांच करते चिकित्सक।
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बदायूं। उत्तर प्रदेश बीज व्यापारी सेवा समिति का 36वां वार्षिक अधिवेशन रविवार को शहर के एक लॉन में संपन्न हुआ। अधिवेशन में प्रदेश भर से आए बीज व्यापारियों ने एकजुट होकर प्रस्तावित बीज अधिनियम–2025 का विरोध किया। इसे व्यापार विरोधी काला कानून करार दिया।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरके त्रिवेदी (पूर्व निदेशक/सदस्य, सीड बिल कमेटी) एवं विशिष्ट अतिथि रमन पाल उप्पल (सेक्रेटरी जनरल, एनएसआई) ने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अधिवेशन में पारित होने वाले प्रस्तावों को यदि लिखित रूप में भेजा गया तो वे ऐसे किसी भी कानून को पारित नहीं होने देंगे, जिससे बीज व्यापारियों का अहित हो।
प्रदेश अध्यक्ष राकेश चोला ने सीड बिल–2025 को काला कानून बताते हुए कहा कि इस बिल के लागू होने से बीज व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह ठप हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यापारियों की आवाज दबाकर यह कानून लाया गया तो प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक आंदोलन और बंदी का आह्वान किया जाएगा।
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जिलाध्यक्ष विपिन अग्रवाल ने कहा कि यह कानून अव्यवहारिक है। इससे भ्रष्टाचार व इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। जिला महामंत्री आदित्य गुप्ता ने सरकार से मांग की कि पहले प्रयोगशालाओं को अपडेट किया जाए तथा एक लाइसेंस पर पूरे देश में व्यापार की अनुमति दी जाए, ताकि सरल और व्यवहारिक कानून बनाया जा सके। विधि संयोजक अरविंद गुप्ता ने कहा कि सरकार को कृषि जगत से जुड़े व्यापारियों और कंपनियों से चर्चा कर ही कानून बनाना चाहिए। किसानों के हित के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में व्यापारियों के योगदान को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
इस मौके पर मोहित गर्ग, आशु गर्ग, जमुना प्रसाद ,उमेश चंद्र शर्मा, अरविंद गुप्ता, ऋषि अग्रवाल आदि को सम्मानित किया गया। इस अधिवेशन में राकेश ढींगरा मुजफ्फरनगर, श्रीकांत गुप्ता बिलारी, भूपेश गुप्ता, सुधीर सोमानी, अजीत सक्सेना आदि मौजूद रहे।

शहर के एक लॉन में आयोजित बीज व्यापारियों के 36 वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल व्यापारी। स्रोत- स- फोटो : मरीजों की जांच करते चिकित्सक।

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