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‘बहुओं को समझें बेटियां, तो कोर्ट-कचहरी नहीं पहुंचेंगे मामले’

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बदायूं। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100-मिलियन स्माइल्स के तहत एनएमएसएन दास कॉलेज में ‘छोटी-छोटी बातों पर न टूटने दें परिवार’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें छात्राओं को जागरूक करने का प्रयास किया गया। साथ ही उन्हें आत्मरक्षा से लेकर पुलिस सुरक्षा, परिवार सुरक्षा के बारे में भी बताया गया। उन्हें समझाया गया कि अगर परिवार में त्याग की भावना हो तो सारे विवाद स्वयं खत्म हो जाएंगे। बहुओं को यदि घर में बेटी समझा जाए तो मामले कोर्ट कचहरी नहीं पहुंचेंगे।
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गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी रहे। उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कॉलेज के प्राचार्य संजीव कुमार सक्सेना ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर और प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान एसएसपी ने कहा कि हम जितनी श्रद्धा से ईश्वर को मानते हैं, उसी तरह लोगों का भी सम्मान करना चाहिए। उनमें प्रेम भावना होनी चाहिए। आज के समय छात्राओं को अपनी पांचों ज्ञान इंद्रियां खुली रखनी चाहिए। उनमें इतनी क्षमता होती है कि वे हर बात को समझ सकती हैं। वे अपना घर टूटने से बचा सकती हैं। लोगों को सोचना चाहिए कि उनकी बेटी भी किसी घर में बहू बनकर जाएगी। इसलिए अपनी बेटी की तरह बहू को भी अपनी बेटी समझें। उन्होंने कहा कि अगर परिवार में त्याग और आदर की भावना हो तो शायद घरेलू विवाद जैसे मामले कोर्ट कचहरी तक नहीं पहुंचेंगे। छात्राओं को चाहिए कि वे अपने परिवार को बांधे रखने के लिए अहम भूमिका निभाएं।
प्राचार्य संजीव कुमार सक्सेना ने कहा कि परिवार सिर्फ वही नहीं, जहां मां-बाप और भाई-बहन रहते हैं। प्रेम और आदर हो तो परिवार स्कूल, कॉलेज या ऑफिस भी है। जहां लोग एक-दूसरे का सहयोग करने के लिए तत्पर रहते हैं। लोगों में यही भावना होनी चाहिए। सभी को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए।
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संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. वीएन शुक्ल ने छात्राओं को कर्तव्य पालन के बारे में जानकारी दी। डॉ. मनवीर सिंह ने कहा कि छात्राएं उत्पीड़न को सहे नहीं, तुरंत अपने परिवार या पुलिस को बताएं। जिससे उनकी समस्या का तुरंत समाधान हो सके। इस दौरान डॉ. सुधाकर शर्मा, डॉ. रविभूषण पाठक, डॉ. मोहनलाल मौर्य, विनोद मौर्य, मोहम्मद शोएब, शुभांगी पाठक आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सुमित मिश्रा ने किया।

एसएसपी ने बताए सुरक्षा के उपाय
कार्यक्रम में एसएसपी ने छात्राओं को न सिर्फ घरेलू जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं बल्कि उन्हें उनकी सुरक्षा के उपाय भी बताएं। एसएसपी ने कहा कि छात्राएं अपना उत्पीड़न न होने दें। उनके अंदर कहने की क्षमता होनी चाहिए कि अब बस...., यानी अब और उत्पीड़न नहीं। इसके लिए पुलिस उनकी हर समय मदद करने को तैयार है। एसएसपी ने छात्राओं को सोशल मीडिया के खतरों से भी आगाह किया। कहा कि टेक्नोलॉजी फायदेमंद है, बशर्ते उसका सदुपयोग किया जाए, दुरुपयोग नहीं। यह भी कहा कि छात्राएं अपने पर्सनल फोटो व डाटा किसी से शेयर न करें।
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