बदायूं। आखिर वहीं हुआ जिसका अंदेशा था, शहर में अब तक कई जानवरों की मौत का कारण बन चुकी अंडरग्राउंड केबल ने शुक्रवार को एक ठेका मजदूर की जान ले ली। वह केबल बॉक्स में लगे पैनल को ठीक कर रहा था। उसी वक्त उसे करंट लगा। साथ काम कर रहे अन्य मजदूर और मोहल्ले के लोग उसे जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। लोगों का कहना है कि कई दिनों से केबल बॉक्स में करंट आ रहा था, लेकिन शिकायतों के बाद भी उसे ठीक नहीं किया गया।
मानकों को ताक पर रखकर शहर में डाले गए अंडरग्राउंड केबल से अब तक कई हादसे हो चुके हैं। कई जानवरों की जहां मौत हुई, वहीं कई लोगों को करंट भी लगा, लेकिन शुक्रवार की शाम मुहल्ला नई सराय में बर्फ वाली गली में एक हादसा हो गया, जिसमें केबल बॉक्स का पैनल सही कर रहे आरसीएल कंपनी के ठेका मजदूर प्रमोद (30) निवासी कथरा खगेई थाना मूसाझाग चपेट में आ गया। जैसे ही उसने पैनल में हाथ डाला वैसे ही उसे करंट लग गया। कुछ कदम पर बैठे उसके अन्य साथियों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। कुछ लोगों की मदद से प्रमोद को हटाया गया। उसे तुरंत ही जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर अधिकारी-कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए।
लोगों का कहना था कि गली में लगे एक केबल बॉक्स में कई दिन से करंट आ रहा था। कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई देखने तक नहीं पहुंचा। शुक्रवार को इसकी शिकायत वार्ड सदस्य हबीब खां उर्फ गुड्डू ने एसडीओ से की तो उसे सही करने के लिए सुबह करीब दस बजे चार ठेका मजदूर मोहल्ले में पहुंचे थे, जिनमें प्रमोद की मौत हो गई।
अमर उजाला लगातार चेताता रहा था महकमे को
कमीशनखोरी के चलते मानकों को दरकिनार कर करीब एक सौ दस करोड़ की लागत से डाली गई अंडरग्राउंड केबल में बरती गई अनियमितताओं को लेकर अमर उजाला लगातार पावर कॉरपोरेशन समेत जिम्मेदारों को चेताता रहा था। जनप्रतिनिधियों से भी इसे लेकर सवाल किए, लेकिन बवाले जान साबित हो रहे अंडरग्राउंड केबल को लेकर किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। विभागीय अधिकारियों का तो सिर्फ एक ही रटारटाया जवाब होता था कि जांच चल रही है। आखिर जांच कब तक चलेगी या फिर जांच हुई तो उसमें क्या रहा, संबंधित के खिलाफ क्या एक्शन हुआ यह कोई बताने को तैयार नहीं हुआ।
कई मोहल्लों में खुली पड़ी है लाइन और बॉक्स
कार्यदायी संस्था ने अंडरग्राउंड केबल डालने में पूरी मनमानी की। शहर के कई मोहल्लों में आज भी अंडरग्राउंड केबल खुली है। बॉक्स में भी दरवाजे नहीं है। सो जानवर और बंदर करंट लगकर मौत के आगोश में आते रहते हैं। लोगों के शिकायत करने के बाद भी लाइनों को ठीक नहीं किया गया।
शहर में आरसीएल कंपनी की ओर से अंडरग्राउंड केबल का काम किया जा रहा है। उसी के तहत कर्मचारियों को रखा गया है। उस लाइन में कोई भी फाल्ट होगा, तो वही कर्मचारी उसे ठीक करते है। शिकायत पर शुक्रवार को कर्मचारी फाल्ट को ठीक करने के लिए गए थे। वहां पर यह हादसा हो गया। इसमें एक युवक की मौत हो गई। इसको लेकर कंपनी प्रोजेक्ट मैनेजर से बात हुई है।
- योगेंद्र सिंह राघव, एक्सईएन प्रथम
अंडरग्रांउड केबल में पैनल बदलने का काम करना था। इसके लिए संबंधित एमसीबी को बंद किया गया था। उसके बाद में काम शुरू किया और लाइन को खोलकर पैनल को अलग कर दूसरे पैनल को लगाया गया। इस बीच करीब दो घंटे का समय लग गया, लेकिन जैसे ही दोबारा से तारों को पैनल में कसा जा रहा था, उसी दौरान मोहल्ले में किसी व्यक्ति ने एमसीबी ऑन कर दी, जिससे करंट तारों में पहुंच गया। ऐसे में ये हादसे की वजह बन गया।
-करतार सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, आरसीएल कंपनी