गांव वालों का कहना था कि अबतक के सभी कार्य उनके हिंदू होने के नाते सनातनी परंपरा के अनुसार हुए हैं तो अब यह अनोखा और विपरीत काम क्यों होगा। इस मामले में कोई बवाल न खड़ा हो जाए। इसलिए सूचना पर पुलिस भी गांव पहुंच गई, तब शव गांव में ही रखा रहा। गांव वालों का कहना था कि जब तक मृतक के भाई-बहन जो बाहर हैं, नहीं आ जाते तबतक अंतिम संस्कार न किया जाए। इस पर पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया।
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रात भर पुलिस के पहले में रही संजू की लाश
रात भर पुलिस ने वहां रहकर शव की निगरानी की। मृतक का दिल्ली में रहने वाला भाई बिरजू भी दिल्ली से आ गया और सभी बहनें भी पहुंच गईं। सबकी राय जानी गई। गांव वालों से भी बात हुई तब उसकी मां मानी। बृहस्पतिवार सुबह हिंदू रीति-रिवाज से ही अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई ने मृतक को मुखाग्नि दी। गांव के श्मशान घाट में उसकी चिता जलाई गई। पूरी रात पहरे पर रही पुलिस को अंतिम संस्कार के बाद राहत मिली।
मृतक संजू की मां और बहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हिंदू रीति रिवाज से चल रहा था अब तक पूरा कुनबा
मृतक संजू (35) के पिता ओमकार सिंह की पांच वर्ष पहले मृत्यु हो जाने पर उनका अंतिम संस्कार हो या बाद में बहनों की शादी। सब हिंदू रीति-रिवाज से ही हुई। इसकी एक बहन सीमा की शादी बराही गांव में धर्मेंद्र सिंह के साथ, दूसरी बहन मीना की शादी शिवपुरी में रितेंद्र सिंह रिंकू के साथ हुई है। हालांकि यह अब परिवार के साथ सुखौरा गांव में ही रह रही है। तीसरी बहन जसौदा बनकोटा गांव में पिंटू सिंह के लिए ब्याही है। सब बहने बदायूं जिले में ही हैं।
छोटा भाई बिरजू की शादी नहीं हुई है। वह दिल्ली में रहकर मजदूरी कर घरवार की जरूरतों को पूरा करता है। इन सभी को संजू की मौत की सूचना दी गई। सभी देर रात तक पहुंच गए। भाई भी दिल्ली से यहां पहुंच था। परिवार के सभी सदस्यों के बीच काफी देर परामर्श हुआ, उन्होंने अपनी मां को भी समझाया। तब कहीं संजू की अंत्येष्टि की गई।
पड़ोसी बोला- क्या हो गया संजू की मां को, पूरी तरह थी सनातनी
मृतक संजू के पड़ोसी नरेंद्र सिंह का कहना है कि पूरा परिवार अबतक हिंदू रीति रिवाज ही अपनाता रहा है। लक्ष्मी खुद सनातनी परंपरा के अनुसार ही धार्मिक कार्यक्रम तीज-त्योहार मनाती रही है। पूजा करना, व्रत-उपवास रखना और गो-वंशों को पालना और उन्हें रोटी निकालने जैसी परंपराएं अपनाती रही है। माना जा रहा है कि उन्हें किसी ने भड़काया है। इसकी वजह से ही उन्होंने अपने बेटे की मौत पर उसके दफनाने की जिद की थी।