बदायूं। बेरहम पन्नालाल जमानत पर छूटने के बाद अनीता की जान का दुश्मन बन गया था। कई बार उस पर फैसला करने का दबाव बनाया, घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ भी कर चुका था। तब थक हारकर अनीता ने महिला आयोग को पत्र भेजा था। पुलिस ने महिला आयोग के आदेश पर पन्नालाल के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की। उसमें भी पन्नालाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
बेटे की चाहत में पति ने जब हंसिया से अनीता का पेट फाड़ा तो वह जिंदगी और मौत के बीच झूलने लगी। परिवार वाले उसे दिल्ली ले गए थे। इसके दूसरे दिन पुलिस ने आरोपी पन्नालाल को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। वह करीब दो साल तक जेल में बंद रहा था। 21 मार्च 2023 को उसे जमानत मिली।
जब वह जेल से छूटकर घर आया तो उसने अनीता पर फिर से जुल्म ढाना शुरू कर दिए। कई बार उसने अनीता को रास्ते में घेरा। नौ मई 2023 को अनीता न्यायालय जा रही थी, तब उसके साथ मारपीट की। मुकदमे में फैसला करने को दबाव बनाया। जान से मारने की धमकी भी दी थी। 17 दिसंबर 2023 को पन्नालाल अपने पिता नंदराम के साथ घर में घुस आया था। घर में तोड़फोड़ करने के साथ मारपीट की थी। अनीता ने राज्य महिला आयोग से शिकायत की थी। उसके बाद पुलिस ने 30 दिसंबर 2023 को पन्नालाल और उसके पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
दिल्ली में आठ माह तक चला अनीता का उपचार
अनीता के मायके वालों ने काफी सहयोग किया था। मायके वाले ही उसे दिल्ली ले गए थे। हमले के चार-पांच दिन बाद उसका ऑपरेशन हुआ था। तब उसका मरा हुआ बेटा पैदा हुआ था। इसके बाद करीब आठ माह तक अनीता का उपचार चला। तब कहीं अनीता ठीक हुई और अपने घर लौटकर आई।