बदायूं। जिले भर में भाई-बहनों के अपार स्नेह का पर्व भैया दूज परंपरागत तरीके से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर रोली और चंदन का तिलक लगाकर अपने भाइयों की बलाएं अपने ऊपर लीं और उनके चिरंजीव होने की कामना की। आत्मीयता के इस सनातनी पर्व पर गांव से लेकर शहरों तक उमंग और उल्लास का नजारा देखने को मिला।
सुदूर रहने पर भी कहीं भाई अपने बहनों से तो कहीं बहनें भाइयों से मिलने पहुंचीं। यात्रा की भारी कठिनाइयों की भी उन्होंने कोई चिंता नहीं की। बहन-भाई के बीच आत्मीय संबंधों को सबसे ऊपर रखकर बहनों ने अपना धर्म निभाया। भैया दूज पर बहनों ने अपने भाइयों के तिलक करके उन्हें मिठाई खिलाई। आरती उतारी ताकि उन्हें कोई बला न लगे।
छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग भाई-बहनों ने परंपरागत भैया दूज का पर्व मनाया। बच्चों में इसका बड़ा क्रेज रहा। बहनों ने अपने विवाहित भाइयों को तिलक किया तो भाभी को भी साथ बैठाया। अपने बच्चों को बुआ का भाइयों से होने वाले स्नेह का साक्षात्कार कराया। भैया दूज मनाने की परंपरागत सीख दी।
मुंह में घुला गोला, मिश्री, मिठाई व चाकलेट का स्वाद
ग्रामीण क्षेत्रों में बहनें प्रचलित गोला, मिश्री और मिठाई लेकर भाइयों से मिलने पहुंचीं। शहरों में मिठाई के साथ चाकलेट भी खूब चली। गांवों में बहनें अपने भाइयों को गोला मिश्री प्रदान करती हैं, यह काफी पुरानी परंपरा है, लेकिन अब वे इसके साथ मिठाई और फल भी लाने लगी हैं। इसी प्रकार शहरी बहनें भाइयों को मिठाई के साथ चॉकलेट लाने लगी हैं। परिवर्तन प्रकृति का नियम हैं, सो यहां भी चला है।
घड़ी, ईअर फोन, मोबाइल फोन, स्कूटी तक भेंट में मिली बहनों को
भैया दूज पर जहां बहनों को नकदी, आभूषण, वस्त्र देने की परंपरा थी, उसमें काफी बदलाव आया है। परिवर्तन के इस दौर में इस भैया दूज पर भाइयों ने अपने बहनों को इलेक्ट्रॉनिक आइटम भी दिए। इसमें घड़ी, हेंडरिंग, ईअर फोन, मोबाइल फोन, स्कूटी तक भेंट में दी। कुछ बहनों ने जो मिला, सो रख लिया तो कुछ हठीली बहनें ने तो मुंह खोलकर अपने भाइयों से दक्षिणा मांग ली।
जिनकी बहनें नहीं, उनमें कइयों ने मुंहबोली बहनों से कराया तिलक
उन भाइयों को भैया दूज का त्योहार उदासी लेकर आया, जिनकी कोई सगी बहन नहीं थी। ऐसे भाइयों ने अपने चचेरी, तहेरी, मौसरी, ममेरी बहनों से तिलक कराया या मुंहबोली बहन बनाकर इस पवित्र त्योहार की परंपरा का निर्वाह किया। जिले में ऐसे कई भाई हैं, जिनको बहन न होने की कमी उनको आज के दिन काफी खली। हालांकि उन्होंने भी इस पवित्र पर्व काे मनाने का जरिया निकाल ही लिया।
विवाहित बहनें सुबह से निकल पड़ी अपने भाइयों से मिलने
जिन बहनों की शादी नहीं हुई, उन बहनों ने तो अपने भाइयों को सुबह जल्दी ही स्नानादि से निवृत्त होकर भैया दूज मना ली, लेकिन जिन बहनों की शादी हो गई है, वे बहनें भाइयों का तिलक करने अपने मायके पहुंचीं। भले ही यात्रा में उनको भारी मुश्किलें उठानी पड़ीं। इसी तरह कुछ भाई सुदूर नौकरी और धंधा कर रहे थे वे भी इस पवित्र त्योहार पर अपने बहनों से मिलने पहुंचे। जिनकी विवाहित बहने नहीं आ सकीं तो भाइयों ने उनकी ससुराल जाकर दूज का पर्व मनाया।
कई बहनों ने गोला व कलश पर तिलक कर मनाई भैया दूज
जो भाई-बहन भैया दूज पर मिल नहीं सके और बहनें दूज का टीका भाइयों को नहीं लगा सकीं, विषम परिस्थियों में बहनों ने गोला अथवा कलश पर तिलक कर भाइयों के दीर्घायु की कामना की। मजबूरी में भाइयों से न मिल पाईं बहनों ने फोन पर अथवा वीडियो कॉल कर अपने बीच की दूरियां कम कर दूज की परंपराओं का निर्वाह किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी धूमधाम से मनी भैया दूज
सहसवान। विधि विधान से पूजा अर्चना के साथ बहनों ने भाइयों का रोली-अक्षत से तिलक करके मिठाई खिलाई। साथ ही उनकी लंबी उम्र और सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
वजीरगंज। बहनों ने भाई के माथे पर तिलक कर अक्षत लगाए। आरती उतारकर मिठाई खिलाई और दीर्घायु की कामना की। वहीं भाइयों ने बहनों को आकर्षक उपहार प्रदान किए। भाइयों ने अपनी बहनों को उनकी पसंद के उपहार दिए। भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लिया।
कुंवरगांव। बहनों ने परंपरागत व्रत रखकर पूजा अर्चना की। इसके बाद भाइयों के माथे पर तिलक लगाया। मिठाई खिलाकर उनकी उन्नति व समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को रक्षा का वचन दिया। त्योहार के चलते बड़ी संख्या में विवाहित महिलाएं अपनी ससुराल से भाइयों के घर पहुंचीं।
फैजगंज बेहटा। कस्बे और आसपास के क्षेत्र में भैया दूज परंपरागत तरीके से मनाया गया। गांव दांवरी, जैतपुर, गनगोली, दासपुर, जखौरा, पाठकपुर, धन्यावली, खजुरि़या, सराय महोरी आदि में भी भैया दूज हर्षोल्लास से मनाई गई। इसके अलावा सैदपुर, उसावां में भी भैया दूज परंपरागत ढंग से मनाई गई। संवाद
बहनों को उपहार भेंटकर लिया आशीर्वाद
बिल्सी। नगर और ग्रामीण क्षेत्र में बृहस्पतिवार को भाई दूज पर बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की। बहनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए भाइयों को तिलक किया। भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किए और उनसे आशीर्वाद लिया।
नगर के बाजारों में भी रौनक देखी गई। फल और मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिल्सी नगर के अंबियापुर, बदायूं चौराहा, रंजना तिराहा, सोमानी तिराहा और अटल चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर पुलिस कर्मी तैनात रहे। संवाद
भैया दूज पर खूब बिका केला और सेब
अलापुर। भैया दूज पर केला और सेव की जमकर खरीददारी हुई। केला 5 रुपये और सेब 100 रुपये किलो के भाव में बिका। फलों की दुकानों पर सुबह से शाम तक भीड़ जुटी रही। संवाद
ड्यूटी के साथ निभाया भाई का फर्ज
बिल्सी। भाई दूज पर मुरादाबाद के पीतल नगरी डिपो में तैनात परिचालक प्रभात कुमार सिंह अपना फर्ज निभा रहे थे। वह अपनी बहन से मिलने नहीं जा पा रहे थे। इस कारण उन्होंने अपनी बहन को नगर के अंबियापुर के सम्राट अशोक चौक पर पहुंचने को कहा। जब वह वहां पहुंचे तो उनकी बहन ने दूज का टीका कर उन्हें अपनी ड्यूटी पर आगे रवाना कर दिया। रोडवेज बस परिचालक प्रभात सिंह ने बताया कि ड्यूटी से छुट्टी नहीं मिल पा रही थी, ऐसे में वह अपनी बहन के घर नहीं जा पा रहे थे। इसी वजह से बहन को रास्ते में ही बुला लिया। संवाद
पूर्व मंत्री सपा नेता आबिद रजा को दूज का तिलक लगातीं मुंहबोली बहन सीमा यादव। स्रोत स्वयं- फोटो : राम मंदिर के प्रवेश द्वार पर सेल्फी लेते श्रद्धालु व जमा दर्शनार्थियों की भीड़।
पूर्व मंत्री सपा नेता आबिद रजा को दूज का तिलक लगातीं मुंहबोली बहन सीमा यादव। स्रोत स्वयं- फोटो : राम मंदिर के प्रवेश द्वार पर सेल्फी लेते श्रद्धालु व जमा दर्शनार्थियों की भीड़।
पूर्व मंत्री सपा नेता आबिद रजा को दूज का तिलक लगातीं मुंहबोली बहन सीमा यादव। स्रोत स्वयं- फोटो : राम मंदिर के प्रवेश द्वार पर सेल्फी लेते श्रद्धालु व जमा दर्शनार्थियों की भीड़।
पूर्व मंत्री सपा नेता आबिद रजा को दूज का तिलक लगातीं मुंहबोली बहन सीमा यादव। स्रोत स्वयं- फोटो : राम मंदिर के प्रवेश द्वार पर सेल्फी लेते श्रद्धालु व जमा दर्शनार्थियों की भीड़।
पूर्व मंत्री सपा नेता आबिद रजा को दूज का तिलक लगातीं मुंहबोली बहन सीमा यादव। स्रोत स्वयं- फोटो : राम मंदिर के प्रवेश द्वार पर सेल्फी लेते श्रद्धालु व जमा दर्शनार्थियों की भीड़।
पूर्व मंत्री सपा नेता आबिद रजा को दूज का तिलक लगातीं मुंहबोली बहन सीमा यादव। स्रोत स्वयं- फोटो : राम मंदिर के प्रवेश द्वार पर सेल्फी लेते श्रद्धालु व जमा दर्शनार्थियों की भीड़।
पूर्व मंत्री सपा नेता आबिद रजा को दूज का तिलक लगातीं मुंहबोली बहन सीमा यादव। स्रोत स्वयं- फोटो : राम मंदिर के प्रवेश द्वार पर सेल्फी लेते श्रद्धालु व जमा दर्शनार्थियों की भीड़।